दुनिया का सबसे लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp एक ऐसे क्रांतिकारी प्राइवेसी फीचर पर काम कर रहा है, जो यूजर्स के चैटिंग के अंदाज को पूरी तरह बदल देगा। अब तक वॉट्सऐप पर किसी से भी बात करने के लिए उसका मोबाइल नंबर होना अनिवार्य था, लेकिन जल्द ही यह मजबूरी खत्म होने वाली है। कंपनी 'यूज़रनेम' (Username) फीचर रोलआउट करने की तैयारी में है, जिसके बाद बिना फोन नंबर शेयर किए भी अनजान लोगों से सुरक्षित चैटिंग की जा सकेगी।
यह फीचर वर्तमान में बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है और जल्द ही इसे सभी वैश्विक यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा।
अब नंबर रहेगा पूरी तरह हिडन
गौरतलब है कि वॉट्सऐप के प्रतिद्वंदी ऐप Telegram में यह फीचर काफी सालों से मौजूद है, जहां यूजर्स अपना फोन नंबर छुपाकर सिर्फ एक यूनिक यूजरनेम के जरिए किसी से भी कनेक्ट हो सकते हैं। वॉट्सऐप पर इस फीचर की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
ताजा अपडेट के मुताबिक, वॉट्सऐप का यह नया सिस्टम ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे Instagram या X (ट्विटर) पर काम करता है। हर यूजर को अपने अकाउंट के लिए एक यूनिक (अनोखा) यूजरनेम चुनना होगा। उदाहरण के लिए, अगर आपका यूजरनेम @Rahul_Tech है, तो सामने वाला व्यक्ति सिर्फ इसे सर्च करके आपसे चैट शुरू कर सकेगा। उसे आपका 10 अंकों का मोबाइल नंबर कभी दिखाई नहीं देगा।
प्राइवेसी के लिहाज से गेम-चेंजर साबित होगा यह अपडेट
आज के डिजिटल दौर में प्राइवेसी सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। कई मौकों पर लोग अपना पर्सनल नंबर हर किसी के साथ साझा नहीं करना चाहते। यह फीचर निम्नलिखित स्थितियों में वरदान साबित होगा:
ऑनलाइन पब्लिक ग्रुप्स: किसी बड़े ग्रुप या कम्युनिटी में शामिल होने पर अब आपका नंबर अजनबी लोगों के हाथ नहीं लगेगा।
बिजनेस डीलिंग: किसी अनजान वेंडर या कस्टमर से अस्थायी तौर पर बात करने के लिए नंबर देने की जरूरत नहीं होगी।
महिला सुरक्षा: महिलाओं के लिए यह फीचर सुरक्षा का एक मजबूत कवच बनेगा, जिससे वे अपनी पहचान छुपाकर भी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगी।
फ्रॉड और फर्जी अकाउंट्स पर लगाम लगाने की तैयारी
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, वॉट्सऐप इस फीचर की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रहा है। फ्रॉड, स्पैम और फर्जी अकाउंट्स (Scams & Fake Accounts) को रोकने के लिए कंपनी कुछ विशेष नियम और एल्गोरिदम लागू करेगी:
यूनिक आइडेंटिटी: एक यूजरनेम सिर्फ एक ही व्यक्ति को अलॉट होगा।
प्रतिबंधित शब्द: किसी सेलिब्रिटी, सरकारी संस्था या बैंक के नाम पर फर्जी यूजरनेम बनाने की अनुमति नहीं होगी। कुछ खास शब्दों और फॉर्मेट्स पर पूरी तरह रोक होगी।
कंट्रोल आपके हाथ में: यूजर्स के पास यह विकल्प होगा कि वे अपनी खोजबीन को यूजरनेम तक सीमित रखना चाहते हैं या नंबर के जरिए भी।
कब तक मिलेगा यह फीचर? यह फीचर फिलहाल डेवलपमेंट और चुनिंदा बीटा टेस्टिंग के फेज में है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही हफ्तों में इसे स्टेबल अपडेट के जरिए एंड्रॉइड और iOS के सभी सामान्य यूजर्स के लिए पेश कर दिया जाएगा। इसके बाद आप ऐप की सेटिंग्स में जाकर अपना मनपसंद यूजरनेम सेट कर सकेंगे।
