वन्यजीव संरक्षण : कवर्धा में चीतल के अवैध शिकार के मामले में 7 आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजे गए
कवर्धा के भलपहरी जंगल में नर चीतल के अवैध शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से चीतल का मांस व शिकार में इस्तेमाल सामान जब्त किया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कीर्तिमान डेस्क
04 Jul 2026, 03:06 PM
रायपुर
छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर वन विभाग लगातार सख्ती बरत रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अवैध शिकार रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत कवर्धा परियोजना मंडल की टीम ने नर चीतल के अवैध शिकार के मामले का खुलासा करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, वन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट के जंगल में करीब तीन वर्ष के नर चीतल का जाल बिछाकर शिकार किया गया था। शिकार के बाद आरोपी उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
शिकार में इस्तेमाल किए गये सामान जब्त
कार्रवाई के दौरान टीम ने आरोपियों के पास से करीब 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस बरामद किया। इसके अलावा नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार, लकड़ी से बने फंदे और खून से सना एक थैला भी जब्त किया गया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहे हैं। साथ ही सूचना तंत्र को मजबूत बनाने और विशेष निगरानी अभियान चलाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इसी सक्रिय रणनीति के चलते वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है और अवैध शिकार में शामिल लोगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई संभव हो रही है।
वन्यजीव संरक्षण को लेकर सरकार का सख्त संदेश
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। वन मंत्री केदार कश्यप ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के अवैध शिकार या किसी वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। उनका कहना है कि जनसहभागिता से ही प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।