महायुद्ध के मुहाने पर दुनिया : ईरान ने बंद की होर्मुज जलसंधि, अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई से दहले कई शहर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है। अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर है। तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट का खतरा बढ़ गया है।
मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) से इस वक्त की सबसे बड़ी और परेशान करने वाली खबर आ रही है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा छद्म युद्ध (प्रॉक्सी वॉर) अब सीधे टकराव में बदल चुका है। ईरान की ताकतवर सैन्य शाखा 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर' (IRGC) ने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री व्यापारिक मार्ग— 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (होर्मुज जलडमरूमध्य) को अस्थायी रूप से पूरी तरह बंद कर दिया है।
इस फैसले के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। ईरान (IRGC) का दावा है कि एक कमर्शियल जहाज बिना जरूरी परमिशन के इस बेहद संवेदनशील समुद्री रास्ते को पार करने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिका का ईरान पर सैन्य एक्शन शुरू
चेतावनी के तौर पर IRGC ने उस पर फायरिंग की, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से इस रूट को ब्लॉक कर दिया गया। ईरान ने इसके पीछे सीधे तौर पर अमेरिकी दखलंदाजी को जिम्मेदार ठहराया है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजर रहे एक आम व्यापारी जहाज पर हमला किया है। अमेरिका ने इसे उकसावे की कार्रवाई मानते हुए रविवार तड़के ईरान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और ताबड़तोड़ सैन्य एक्शन शुरू कर दिया।
धमाकों से दहले ईरान के कई शहर, परमाणु प्लांट के पास भी विस्फोट
अमेरिकी रीएक्शन के बाद ईरान के कई हिस्सों से भीषण धमाकों की खबरें आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और समाचार एजेंसियों के मुताबिक:
सीएनएन (CNN): दक्षिणी ईरान के प्रमुख शहरों बुशहर और असलुयेह में रविवार तड़के जोरदार धमाके सुने गए। सबसे ज्यादा चिंता बुशहर को लेकर है, क्योंकि ईरान का एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) इसी शहर के बाहरी इलाके में है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक परमाणु प्लांट को किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
रॉयटर्स और ईरानी मीडिया (IRIB): ईरान के बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और सिरिक में भी कई धमाके हुए हैं।
मेहर न्यूज एजेंसी: खाड़ी में स्थित ईरान के रणनीतिक केशम द्वीप (Qeshm Island) पर भी भारी बमबारी या धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं।
इस सैन्य टकराव के बीच राजनीतिक हलकों से आई एक खबर ने आग में घी का काम किया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई ने एक बेहद आक्रामक बयान जारी किया है। उन्होंने अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या का जिक्र करते हुए कसम खाई है कि इसका बदला लेना सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे ईरानी राष्ट्र का संकल्प है। मोजतबा का यह बयान साफ संकेत देता है कि ईरान पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
क्यों थम जाएगी दुनिया की रफ्तार? (तेल संकट का खतरा)
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं है, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक बड़ा झटका है।
यह जलमार्ग दुनिया की 'लाइफलाइन' माना जाता है, क्योंकि वैश्विक तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा (करीब 20-30%) इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।
बदलती स्थिति पर दुनिया की नजरें
हैरानी की बात यह है कि हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक आपसी सहमति पत्र (MoU) पर दस्तखत हुए थे। लेकिन जमीन पर इसका कोई असर नहीं दिखा। ईरान का आरोप है कि अमेरिका अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है, और गाजा व लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई को जो अमेरिकी शह मिल रही है, वह शांति समझौते की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। फिलहाल, खाड़ी के इस इलाके में हालात बेहद नाजुक और विस्फोटक बने हुए हैं। हर पल बदलती इस स्थिति पर दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों और बाजारों की नजरें टिकी हुई हैं।