युवा आक्रोश : मशाल रैली निकालकर छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
महासमुंद में जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में युवाओं ने विशाल मशाल रैली निकाली। रैली में कांग्रेस नेताओं, छात्रों और अभिभावकों ने हिस्सा लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष कार्रवाई और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई।
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कीर्तिमान न्यूज
25 Jul 2026, 07:35 AM
महासमुंद
महासमुंद। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन और केंद्र सरकार की छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ आज महासमुंद के युवाओं और छात्र-छात्राओं का जबरदस्त उबाल देखने को मिला। युवाओं पर हो रहे अत्याचार, नीट (NEET) पेपर लीक घोटाले और हक की आवाज उठाने वाले विद्यार्थियों पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में आज शहर में एक विशाल 'युवा आक्रोश मशाल रैली' निकाली गई। यह रैली स्थानीय लोहिया चौक से शुरू होकर अंबेडकर चौक तक पहुंची, जिसमें युवाओं, छात्र-छात्राओं के साथ-साथ उनके पालकों (अभिभावकों) ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता दिखाई।
जिला कांग्रेस कमेटी ने दिया पूर्ण समर्थन, दिग्गज नेता पहुंचे लोहिया चौक
युवाओं और छात्रों के इस न्यायपूर्ण आंदोलन को जिला कांग्रेस कमेटी महासमुंद ने अपना पूरा समर्थन दिया है। आंदोलन को बल देने के लिए खल्लारी विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष केशव चंद्राकर, अमन चंद्राकर, निर्मल जैन, अक्षय साकरकर, पार्षद मुस्ताक खान विक्की सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने लोहिया चौक पहुंचकर युवाओं के कंधे से कंधा मिलाया और उनकी मांगों को जायज ठहराया।
विरोध प्रदर्शन तानाशाही रवैया छोड़ शिक्षा व्यवस्था में सुधार करे सरकार: द्वारिकाधीश यादव
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि दिल्ली में अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर सरकार द्वारा लाठीचार्ज करवाना और उन्हें खदेड़ना बेहद निंदनीय है। सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए देश के भविष्य (छात्रों) पर हिंसक होने का झूठा लांछन लगा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार को अपना अहंकार त्याग कर देश की चरमरा चुकी शिक्षा व्यवस्था में तुरंत व्यापक सुधार करना होगा।
सिस्टम की बलि नहीं चढ़ने देंगे छात्रों का भविष्य
मशाल रैली में शामिल आक्रोशित युवाओं और छात्र-छात्राओं ने साफ शब्दों में कहा, "देश का युवा अब एक बेहतर, पारदर्शी और सुरक्षित शिक्षा व्यवस्था चाहता है। हम अब और शांत बैठने वाले नहीं हैं। हम नहीं चाहते कि भविष्य में इस भ्रष्ट सिस्टम की वजह से देश का कोई और छात्र आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो या किसी के भविष्य की बलि चढ़े।" युवाओं ने संकल्प लिया कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
रैली के दौरान युवाओं ने हाथों में जलती हुई मशालें और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन ने साफ कर दिया है कि बेहतर भविष्य और न्याय के लिए महासमुंद के युवाओं ने अब आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।