स्प्राउट्स को लंबे समय से हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा माना जाता है। वजन घटाने से लेकर शरीर को ऊर्जा देने तक, स्प्राउट्स को पोषण का पावरहाउस कहा जाता है। सुबह के नाश्ते में अंकुरित मूंग, चना या अन्य अनाज खाना आजकल फिटनेस और हेल्थ कॉन्शियस लोगों की पहली पसंद बन चुका है। लेकिन हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत तरीके से तैयार या बिना साफ किए गए स्प्राउट्स से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे या दूषित स्प्राउट्स खाने से उल्टी, दस्त, गैस, पेट दर्द, बुखार और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कई मामलों में बैक्टीरियल संक्रमण इतना गंभीर हो सकता है कि मरीज को अस्पताल तक जाना पड़ जाए। डॉक्टरों का कहना है कि स्प्राउट्स जितने फायदेमंद हैं, उतनी ही सावधानी से इन्हें तैयार और सेवन करना भी जरूरी है।
संक्रमण का खतरा
स्प्राउट्स बनाने के लिए दालों और बीजों को कई घंटों तक पानी में भिगोया जाता है। इसके बाद उन्हें नम और गर्म वातावरण में रखा जाता है, ताकि उनमें अंकुर निकल सकें। यही वातावरण बैक्टीरिया के पनपने के लिए भी अनुकूल माना जाता है।विशेषज्ञ बताते हैं कि साल्मोनेला, ई-कोलाई और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया स्प्राउट्स में आसानी से विकसित हो सकते हैं। अगर अंकुरित अनाज को साफ पानी से अच्छी तरह न धोया जाए या लंबे समय तक बाहर रखा जाए, तो संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है।
किन को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए
- डॉक्टरों के मुताबिक कुछ लोगों में कच्चे स्प्राउट्स से संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। इनमें शामिल हैं:
- छोटे बच्चे
- बुजुर्ग
- गर्भवती महिलाएं
- कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
- डायबिटीज या गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज
- विशेषज्ञों का कहना है कि इन लोगों को कच्चे स्प्राउट्स खाने से बचना चाहिए और हमेशा उबले या हल्के स्टीम किए हुए स्प्राउट्स का सेवन करना चाहिए।
स्प्राउट्स खाने का सही तरीका
साफ पानी से अच्छी तरह धोएं
अंकुरित अनाज को खाने से पहले कम से कम 2-3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। स्प्राउट्स तैयार होने के दौरान उनमें धूल, गंदगी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। अगर इन्हें बिना धोए खाया जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्प्राउट्स को बहते पानी में धोना ज्यादा बेहतर होता है। यदि संभव हो तो फिल्टर या उबले हुए ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। इससे हानिकारक बैक्टीरिया का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
हल्का उबालकर या स्टीम करके खाएं
कई लोग कच्चे स्प्राउट्स खाना पसंद करते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार हल्का उबालकर या स्टीम करके खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। अंकुरित अनाज में मौजूद बैक्टीरिया गर्मी में नष्ट हो जाते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा कम हो जाता है।विशेषज्ञों का कहना है कि खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को कच्चे स्प्राउट्स खाने से बचना चाहिए। हल्का उबालने से न केवल सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि पाचन भी आसान हो जाता है।
लंबे समय तक स्टोर न करें
स्प्राउट्स को ज्यादा समय तक कमरे के तापमान पर रखना खतरनाक हो सकता है। नमी और गर्म वातावरण में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। इसलिए स्प्राउट्स तैयार होने के बाद उन्हें एयरटाइट कंटेनर में रखकर फ्रिज में स्टोर करना चाहिए।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अंकुरित अनाज को 1-2 दिन के भीतर इस्तेमाल कर लेना चाहिए। अगर स्प्राउट्स लंबे समय तक रखे रहें, तो उनमें खराबी आने लगती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
खाली पेट ज्यादा मात्रा में न खाएं
हालांकि स्प्राउट्स पौष्टिक होते हैं, लेकिन हर व्यक्ति का पाचन तंत्र इन्हें आसानी से नहीं पचा पाता। कई लोगों को कच्चे स्प्राउट्स खाने के बाद गैस, ब्लोटिंग और पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआत कम मात्रा से करनी चाहिए। खाली पेट बहुत ज्यादा स्प्राउट्स खाने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ सकता है। बेहतर होगा कि इन्हें सलाद, सब्जियों या अन्य भोजन के साथ मिलाकर खाया जाए।
घर पर साफ तरीके से तैयार करें
यदि आप घर पर स्प्राउट्स तैयार कर रहे हैं, तो इस्तेमाल होने वाले बर्तन और कपड़े पूरी तरह साफ होने चाहिए। दालों या बीजों को साफ पानी में भिगोएं और अंकुर निकलने के दौरान भी स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें।
संतुलित मात्रा में ही सेवन करें
स्प्राउट्स हेल्दी जरूर हैं, लेकिन किसी भी चीज की अधिकता नुकसान पहुंचा सकती है। जरूरत से ज्यादा स्प्राउट्स खाने से गैस, पेट फूलना और पाचन संबंधी दिक्कतें हो सकती हैं। विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में सेवन करने की सलाह देते हैं।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से तैयार और सेवन किए गए Sprouts शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन स्वच्छता और सावधानी का ध्यान रखना उतना ही जरूरी है, ताकि फायदे के बजाय नुकसान से बचा जा सके।
स्प्राउट्स खाने के क्या-क्या फायदे हैं
Sprouts यानी अंकुरित अनाज को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स और डाइटिशियन अक्सर इन्हें रोजाना की डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं। मूंग, चना, मेथी, सोयाबीन और अन्य अनाजों को अंकुरित करने के बाद उनमें पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वे शरीर के लिए और ज्यादा लाभकारी बन जाते हैं।स्प्राउट्स में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन C, विटामिन K और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि इन्हें “नेचुरल सुपरफूड” भी कहा जाता है। सही तरीके और संतुलित मात्रा में खाए जाएं तो स्प्राउट्स शरीर को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं।
1 पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं
स्प्राउट्स में फाइबर की मात्रा काफी अधिक होती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है। नियमित रूप से अंकुरित अनाज खाने से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।विशेषज्ञों के मुताबिक अंकुरित अनाज में मौजूद एंजाइम भोजन को जल्दी पचाने में मदद करते हैं। इससे पेट हल्का महसूस होता है और पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है।
2 वजन घटाने में मददगार
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए स्प्राउट्स बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। इनमें कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
स्प्राउट्स खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है और ओवरईटिंग की आदत कम हो सकती है। यही वजह है कि कई फिटनेस एक्सपर्ट इन्हें वेट लॉस डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।
3 शरीर को भरपूर ऊर्जा देते हैं
अंकुरित अनाज में प्रोटीन, आयरन और जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देने में मदद करते हैं। सुबह नाश्ते में स्प्राउट्स खाने से दिनभर शरीर एक्टिव महसूस करता है। कमजोरी, थकान और सुस्ती कम करने में भी यह मददगार माने जाते हैं।
4 इम्यूनिटी मजबूत करते हैं
स्प्राउट्स में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से शरीर संक्रमण और मौसमी बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ पाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में स्प्राउट्स का सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।
5 दिल को स्वस्थ रखने में मदद
स्प्राउट्स खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। इनमें मौजूद पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में भी मदद करते हैं। इसलिए हृदय रोगियों के लिए सीमित मात्रा में स्प्राउट्स फायदेमंद माने जाते हैं।
6 डायबिटीज मरीजों के लिए लाभकारी
कुछ रिसर्च के मुताबिक अंकुरित अनाज ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं। इनमें मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन को धीमा करता है, जिससे अचानक शुगर बढ़ने का खतरा कम होता है।हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डायबिटीज मरीज डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही इनका सेवन करें।
7 त्वचा और बालों को बनाते हैं हेल्दी
स्प्राउट्स में मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अंदर से पोषण देने में मदद करते हैं। इससे त्वचा हेल्दी और ग्लोइंग दिखाई दे सकती है। इसके अलावा इनमें मौजूद प्रोटीन और आयरन बालों को मजबूत बनाने और हेयर फॉल कम करने में भी सहायक माने जाते हैं।
8 मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं
जिम जाने वाले और फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग अक्सर अपनी डाइट में स्प्राउट्स शामिल करते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती और रिकवरी में मदद करता है। वर्कआउट के बाद स्प्राउट्स खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और मसल्स रिकवरी बेहतर हो सकती है।
9 शरीर को डिटॉक्स करने में मदद
विशेषज्ञों के अनुसार अंकुरित अनाज शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। इससे शरीर अंदर से साफ और स्वस्थ रहता है। स्प्राउट्स में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में भी सहायक होते हैं।
10 हड्डियों को मजबूत बनाते हैं
स्प्राउट्स में कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। बढ़ती उम्र में हड्डियों की कमजोरी से बचने के लिए संतुलित मात्रा में अंकुरित अनाज का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
