📅 Wednesday, 06 May 2026 भारत
ब्रेकिंग
इस सड़क में पुन: कैसे पधारें : झिलपावन सड़क में गड्‌ढे ही गड्‌ढे, मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपा-पोती सुशासन तिहार के बीच छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक बदलाव : 42 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों के कलेक्टर बदले, शासन व्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी बीच सड़क धधक उठी कार : सूझबूझ से बची परिवार की जान, शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह चेक पोस्ट बना तस्करों का दुश्मन : पुलिस ने 24 घंटे में दूसरी बार तोड़ी अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क की कमर ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट : 3 सरगना गिरफ्तार, रसूखदार कारोबारियों तक पहुँचे पुलिस के तार सरकारी योजनाओं की बलि : कागजों पर बना शौचालय और मकान, खौफ के साए में जी रही माझी जनजाति इस सड़क में पुन: कैसे पधारें : झिलपावन सड़क में गड्‌ढे ही गड्‌ढे, मरम्मत के नाम पर सिर्फ लीपा-पोती सुशासन तिहार के बीच छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक बदलाव : 42 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों के कलेक्टर बदले, शासन व्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी बीच सड़क धधक उठी कार : सूझबूझ से बची परिवार की जान, शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह चेक पोस्ट बना तस्करों का दुश्मन : पुलिस ने 24 घंटे में दूसरी बार तोड़ी अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क की कमर ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट : 3 सरगना गिरफ्तार, रसूखदार कारोबारियों तक पहुँचे पुलिस के तार सरकारी योजनाओं की बलि : कागजों पर बना शौचालय और मकान, खौफ के साए में जी रही माझी जनजाति
W 𝕏 f 🔗
होम कारोबार गुजरात के वडिनार में : 1,570 करोड़ की शिप रिपेयर …
शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी
शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी
कारोबार

 गुजरात के वडिनार में : 1,570 करोड़ की शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी, समुद्री क्षेत्र में बड़ा कदम

गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की शिप रिपेयर सुविधा को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति (CCEA) ने मंजूरी दी है। इस परियोजना से भारत के मैरिटाइम सेक्टर को मजबूती मिलेगी और विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम होगी। वडिनार में बनने वाली यह अत्याधुनिक सुविधा जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेंगे, बंदरगाह आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और भारत के समुद्री व्यापार को नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर यह प्रोजेक्ट देश के मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
06 May 2026, 07:08 PM
📍 दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंगलवार को गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी दी। इस फैसले को देश के मैरिटाइम सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे भारत की शिप रिपेयर क्षमता में सुधार होगा और विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम होगी। इस परियोजना के जरिए बंदरगाह आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत के समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

 क्या होगा इस प्रोजेक्ट में खास

इस परियोजना के तहत वडिनार में एक अत्याधुनिक शिप रिपेयर और मेंटेनेंस सुविधा विकसित की जाएगी, जहां बड़े और छोटे जहाजों की मरम्मत, ओवरहॉलिंग और तकनीकी सुधार का काम किया जाएगा। इस सुविधा को आधुनिक मशीनरी, डॉकयार्ड और हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस किया जाएगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर के जहाजों की भी मरम्मत संभव हो सकेगी।

 निवेश और आर्थिक महत्व

इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 1,570 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जाएगा। यह निवेश न सिर्फ समुद्री ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा करेगा। इससे इंजीनियरिंग, टेक्निकल स्टाफ और सपोर्ट सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां उपलब्ध होंगी। 

वडिनार को मिलेगा नया पहचान

इस सुविधा के बनने के बाद वडिनार का महत्व और बढ़ जाएगा और यह क्षेत्र एक प्रमुख मैरिटाइम हब के रूप में विकसित हो सकता है। इससे गुजरात के बंदरगाह आधारित उद्योगों को नई गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। साथ ही भारत की विदेशी देशों पर शिप रिपेयर के लिए निर्भरता भी कम होगी।

देश को लाभ 

गुजरात के वडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की शिप रिपेयर सुविधा को मंजूरी मिलने से देश के मैरिटाइम सेक्टर को बड़ा फायदा होने वाला है। इस परियोजना से भारत की शिप रिपेयर क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे अब जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए विदेशी शिपयार्ड पर निर्भरता कम हो जाएगी। इससे देश का समय और विदेशी मुद्रा दोनों की बचत होगी। साथ ही समुद्री व्यापार को भी नई मजबूती मिलेगी, जिससे भारत का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट सिस्टम और अधिक प्रभावी बन सकेगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, खासकर इंजीनियरिंग, टेक्निकल और सपोर्ट सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां मिलेंगी। इसके अलावा बंदरगाह आधारित उद्योगों का विस्तार होगा और वडिनार क्षेत्र एक प्रमुख मैरिटाइम हब के रूप में उभरकर सामने आएगा। कुल मिलाकर यह परियोजना भारत के मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश मनोरंजन/फैशन शिक्षा/करियर सेहत खेल कारोबार पर्यटन/यात्रा धर्म /ज्योतिष 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें