Friday, 06 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
Raigarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, विजय ट्रेडर्स से 4 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए Raigarh News: पतरापाली में सड़क किनारे पटाखे बेच रहे दुकानदार पर कार्रवाई, स्टॉक जब्त Viral Video Raipur: ज्वेलर कार्तिक गिरि के लग्जरी काफिले को मिली पुलिस एस्कॉर्ट! चलती गाड़ियों से स्टंट का वीडियो वायरल Bike Accident: दर्दनाक सड़क हादसा, हार्वेस्टर की चपेट में आने से युवक-युवती की मौत Bhim Army Raipur: प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 पर FIR दर्ज Ganja Smuggling: 48 घंटे में 884 किलो गांजा जब्त, 5.92 करोड़ का माल बरामद Raigarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, विजय ट्रेडर्स से 4 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए Raigarh News: पतरापाली में सड़क किनारे पटाखे बेच रहे दुकानदार पर कार्रवाई, स्टॉक जब्त Viral Video Raipur: ज्वेलर कार्तिक गिरि के लग्जरी काफिले को मिली पुलिस एस्कॉर्ट! चलती गाड़ियों से स्टंट का वीडियो वायरल Bike Accident: दर्दनाक सड़क हादसा, हार्वेस्टर की चपेट में आने से युवक-युवती की मौत Bhim Army Raipur: प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद समेत 11 पर FIR दर्ज Ganja Smuggling: 48 घंटे में 884 किलो गांजा जब्त, 5.92 करोड़ का माल बरामद
W 𝕏 f
होम › जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग मॉडल, पारिवारिक विवादों …
समस्याओं के सामाधान के लिए काउंसलिंग
समस्याओं के सामाधान के लिए काउंसलिंग

जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग मॉडल, पारिवारिक विवादों के समाधान की नई मिसाल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में परिवार परामर्श केंद्र को अब जेंडर-बैलेंस्ड मॉडल में बदल दिया गया है, जहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और बुजुर्गों की समस्याएं भी समान रूप से सुनी जाती हैं। इस “काउंसलिंग-फर्स्ट” पहल का उद्देश्य पारिवारिक विवादों को अदालत जाने से पहले बातचीत के जरिए सुलझाना है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 29 Apr 2026, 03:11 PM · अपडेट: 31 Oct 2026, 09:17 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
तेजी से बदलते सामाजिक ढांचे में रिश्तों की जटिलताएं भी नई चुनौतियां लेकर सामने आ रही हैं। अक्सर घर की चारदीवारी के भीतर पनपने वाली पीड़ा—चाहे वह किसी बुजुर्ग की उपेक्षा हो या किसी पुरुष का मानसिक तनाव—अनसुनी रह जाती है। लेकिन छत्तीसगढ़ के दुर्ग ने इस खामोशी को आवाज़ देने का एक नया रास्ता दिखाया है।
दुर्ग जिले में शुरू हुई जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग व्यवस्था आज पारिवारिक विवाद समाधान का एक ऐसा समावेशी मॉडल बनकर उभरी है, जिसकी गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक सुनाई दे रही है।

संतुलित सुनवाई का अवसर 

सेक्टर-6 स्थित महिला थाना का परिवार परामर्श केंद्र, जो पहले मुख्यतः महिलाओं की शिकायतों तक सीमित था, अब एक व्यापक सामाजिक मंच बन चुका है। यहां महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों और वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को भी समान गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जा रहा है।
उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप शुरू हुआ यह केंद्र समय के साथ अपने दायरे का विस्तार करता गया। बदलते पारिवारिक समीकरणों और विवादों के नए स्वरूप को देखते हुए इसमें जेंडर-बैलेंस्ड काउंसलिंग को लागू किया गया, जिससे हर पक्ष को निष्पक्ष और संतुलित सुनवाई का अवसर मिल सके।

बेहद प्रभावी कदम  

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है—पुरुष काउंसलर की नियुक्ति। पिछले कुछ वर्षों में यह स्पष्ट हुआ कि पुरुष भी मानसिक, आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझते हुए परामर्श केंद्र तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में उनकी बात को समझने और संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल को समय की मांग बताते हुए कहा है कि काउंसलिंग आधारित समाधान से विवादों को प्रारंभिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है, जिससे परिवारों में सामंजस्य और सामाजिक स्थिरता मजबूत होती है।

परिवार को टूटने से भी बचा रहे 

वहीं दुर्ग के एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार, संवाद और परामर्श की प्रक्रिया पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को गंभीर रूप लेने से पहले ही रोकने में कारगर साबित हो रही है। यह मॉडल न केवल विवादों को कम कर रहा है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रहा है। इस व्यवस्था की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है—‘सीनियर सिटीज़न सपोर्ट बेंच’ का गठन। इस विशेष इकाई में रिटायर्ड अधिकारी, मनोवैज्ञानिक और समाजसेवी शामिल हैं, जो बुजुर्गों से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता के साथ सुनते हैं।

हस्तक्षेप कितना प्रभावी होगा 

यहां आने वाली शिकायतें समाज की एक गंभीर तस्वीर सामने रखती हैं— बेटे-बहू द्वारा प्रताड़ना, संपत्ति के लिए दबाव, जबरन वृद्धाश्रम भेजना, शराब के लिए पैसे न देने पर मारपीट, भोजन से वंचित करना और घर से निकाल देना जैसी घटनाएं अब खुलकर सामने आ रही हैं।
अब तक इस केंद्र में लगभग 200 शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से करीब 130 मामलों का सफल निराकरण किया जा चुका है। यह आंकड़े न केवल इस पहल की सफलता को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि सही समय पर संवाद और संवेदनशील हस्तक्षेप कितने प्रभावी हो सकते हैं।

विवादों को समय रहते झुलझा रहे 

दुर्ग का ‘काउंसलिंग-फर्स्ट’ मॉडल छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अपनी तरह की पहली पहल मानी जा रही है, जिसने पारिवारिक विवाद समाधान को नई दिशा दी है। जहां कई राज्यों में अब भी पारंपरिक और एकतरफा दृष्टिकोण हावी है, वहीं दुर्ग ने महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों—सभी को एक मंच पर समान रूप से सुनने का संतुलित मॉडल विकसित किया है।
संवाद आधारित यह व्यवस्था न केवल विवादों को समय रहते सुलझा रही है, बल्कि परिवारों को टूटने से भी बचा रही है। इसी कारण यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रही है, जिसे अन्य राज्य भी अपनाने की दिशा में देख रहे हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें