छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में स्थायी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक निजी कंप्यूटर ऑपरेटर को ऊंचे रसूख का डर दिखाकर 6 लाख रुपये का चूना लगाया गया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने अखबार में ठग की गिरफ्तारी की खबर पढ़ी।
पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के रहने वाले दुर्गेश वर्मा वर्तमान में बीएसपी में ही एक निजी कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। साल 2023 में उनकी मुलाकात सैम्युअल सातुम उर्फ आदि गुज्जर से हुई। आरोपी ने खुद को बीएसपी के आला अधिकारियों का बेहद करीबी बताया और दुर्गेश को झांसा दिया कि वह उसे 'पक्की सरकारी नौकरी' दिलवा सकता है।
किस्तों में वसूले 6 लाख रुपये
आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए पहले दुर्गेश के शैक्षणिक और व्यक्तिगत दस्तावेज (जैसे पैन कार्ड, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र आदि) अपने पास जमा करवा लिए। इसके बाद नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की डील तय हुई:
5 अप्रैल 2023: पहली किस्त के रूप में 3 लाख रुपये लिए गए।
25-26 अप्रैल 2023: आरोपी खुद दुर्गेश के घर ग्राम नंदौरी पहुंचा और बाकी के 3 लाख रुपये भी वसूल लिए।
अखबार की सुर्खी ने खोला राज
पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
पीड़ित की शिकायत पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दुर्ग पुलिस ने अपील की है कि बीएसपी या किसी भी सरकारी संस्थान में नौकरी केवल आधिकारिक चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही मिलती है। 'सेटिंग' या पैसों के दम पर नौकरी का दावा करने वाले सीधे तौर पर ठग हैं। ऐसे किसी भी प्रलोभन में न आएं और संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
