छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के प्रमुख मॉल्स और व्यावसायिक परिसरों में अब जल्द ही मुफ्त पार्किंग व्यवस्था लागू होने के संकेत मिल रहे हैं। उपभोक्ता आयोग के फैसले और जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद इस व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ गई है। रायपुर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मॉल्स में उपभोक्ताओं के लिए नि:शुल्क पार्किंग सुनिश्चित की जाए।
जिला उपभोक्ता फोरम ने हाल ही में अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा था कि मॉल परिसर में पार्किंग सुविधा जनता के लिए आवश्यक सेवा है, जिसके लिए अलग से शुल्क वसूलना पूरी तरह अवैध है। इसके बावजूद शहर के कई मॉल्स में अब भी 10 से 30 रुपये तक पार्किंग शुल्क लिया जा रहा था, जिस पर सवाल उठे हैं।
एक मामले में मॉल प्रबंधन को कड़ी फटकार
फोरम ने एक मामले की सुनवाई के दौरान मॉल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई थी और स्पष्ट आदेश दिया था कि पार्किंग सेवा पूरी तरह नि:शुल्क दी जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये का मुआवजा और 5 हजार रुपये कानूनी खर्च के रूप में देने का भी आदेश पारित किया गया था। उपभोक्ता फोरम के अनुसार, किसी भी व्यावसायिक भवन को निर्माण और संचालन की अनुमति इस शर्त पर दी जाती है कि पार्किंग सुविधा आम जनता के लिए उपलब्ध रहेगी। ऐसे में पार्किंग के नाम पर शुल्क वसूलना नियमों का उल्लंघन है और इसे अवैध माना जाएगा।मॉल मालिकों को पहले से मिलता है आर्थिक लाभ
फोरम ने यह भी स्पष्ट किया कि मॉल मालिक दुकानों के किराए और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से पर्याप्त आय अर्जित करते हैं। ऐसे में ग्राहकों से पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेना अनुचित व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में आता है और उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है। कलेक्टर के निर्देशों और उपभोक्ता आयोग के रुख के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में रायपुर के सभी प्रमुख मॉल्स में फ्री पार्किंग व्यवस्था लागू कर दी जाएगी, जिससे आम जनता को राहत मिलेगी।
