बिलासपुर जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां 1 करोड़ 40 लाख रुपए की लागत से बनाई गई सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क की डामर परत हाथ से ही उखड़ रही है। सड़क इतनी कमजोर बनी है कि हल्का दबाव पड़ते ही परत निकलने लगती है। वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह सड़क आमाकोनी गांव से बहतरा तक बनाई गई है। सड़क निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की निर्माण एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण का काम 15 जनवरी से शुरू हुआ था और इसके लिए करीब 1.40 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी।
मुरूम की जगह मिट्टी बिछाने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन नहीं किया गया। सड़क की मजबूती के लिए जहां मुरूम डाली जानी थी, वहां साधारण मिट्टी का उपयोग किया गया। इसी कारण सड़क बनते ही टूटने और उखड़ने लगी। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का ठेका ठेकेदार अतुल शुक्ला को दिया गया था। अब सड़क की गुणवत्ता खराब मिलने के बाद ठेकेदार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य कराया गया।
जनप्रतिनिधि पहुंचे जांच के लिए
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद सभापति, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री और ग्राम सरपंच मौके पर पहुंचे और सड़क का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद सभापति, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री और ग्राम सरपंच मौके पर पहुंचे और सड़क का निरीक्षण किया। जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
