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यात्रा
जहां प्रकृति बोल रही : छत्तीसगढ़ के कश्मीर में पर्यटकों को स्पर्श कर रहे बादल, फिज़ां में मधुर संगीत घोल रही हवाएं
चैतुरगढ़ छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की पहाड़ियों पर स्थित एक ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत किला है, जिसे “छत्तीसगढ़ का कश्मीर” कहा जाता है। समुद्र तल से लगभग 3000 फीट ऊंचाई पर बसे इस किले तक पहुंचने का सफर घने जंगलों, घुमावदार रास्तों और मनमोहक वादियों से होकर गुजरता है। कलचुरी राजाओं द्वारा निर्मित यह किला अपनी सामरिक मजबूती और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में भाग लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनर्निर्माण, उसकी आस्था और संघर्षपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए सनातन संस्कृति के संरक्षण पर बल दिया।
डोंगरिया में गरजा समाजिक एकता का संदेश, कुर्मी समाज के योगदान को मिला राष्ट्रीय मंच पर सम्मान
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि संगठित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है तथा कुर्मी समाज ने देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
यात्रा
छत्तीसगढ़ : अद्भुत वॉटरफॉल देंगे स्वर्ग जैसी फीलिंग, प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताने के लिए जरूर बनाएं ट्रैवल प्लान
छत्तीसगढ़ अपने घने जंगलों, पहाड़ों और नदियों के बीच स्थित खूबसूरत जलप्रपातों के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां के प्रमुख वॉटरफॉल जैसे चित्रकोट जलप्रपातl, तीरथगढ़ जलप्रपात , और मैनपाट पर्यटकों को प्रकृति के बेहद करीब ले जाते हैं।ये झरने मानसून और सर्दियों में और भी ज्यादा सुंदर हो जाते हैं, जहां गिरते पानी, हरियाली और शांत वातावरण मिलकर “स्वर्ग जैसी फीलिंग” का अनुभव कराते हैं। यह स्थान सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि सुकून, रोमांच और प्राकृतिक ऊर्जा का अद्भुत संगम हैं।
समीक्षा : मुख्य सचिव विकासशील ने सिंचाई योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने पर दिया जोर
छत्तीसगढ़ में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-अर्जन और वन स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा कर परियोजनाओं में तेजी लाई जाए ताकि किसानों को जल्द लाभ मिल सके। बैठक में पैरी-कोडार लिंक नहर, मोहमेला-सिरपुर बैराज और मटनार बहुउद्देशीय परियोजना सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
विदेश
क्रूज़ पर मौत का साया : MV हॉन्डियस में फैले हंटावायरस ने 23 देशों में बढ़ाई दहशत, जानिए कैसे फैल रही यह बीमारी
ऐंटार्कटिका की लक्ज़री यात्रा पर निकले क्रूज़ शिप ‘MV हॉन्डियस’ में रहस्यमयी बीमारी ने यात्रियों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया। शुरुआती जांच में ‘ऐंडीज़ हंटावायरस’ संक्रमण की आशंका जताई गई है, जो चूहों से फैलने वाला दुर्लभ लेकिन घातक वायरस माना जाता है। जहाज़ पर कई यात्रियों में बुखार और सांस संबंधी समस्याएं सामने आने के बाद तीन लोगों की मौत की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अब विभिन्न देशों में लौट चुके यात्रियों की ट्रैकिंग और स्वास्थ्य जांच तेज कर दी गई है।
इको पार्क : वेस्ट टू बेस्ट का जीवंत उदाहरण, कबाड़ से कमाल तक की प्रेरक कहानी
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के दुलदुला जनपद पंचायत में विकसित इको पार्क “वेस्ट टू बेस्ट” की अवधारणा का एक बेहतरीन उदाहरण है। यहाँ पुराने टायरों, लोहे के कबाड़ और अन्य अनुपयोगी सामग्रियों से आकर्षक कलाकृतियाँ, झूले और सजावटी संरचनाएँ बनाई गई हैं। यह पार्क केवल सौंदर्य का केंद्र नहीं, बल्कि एक सामुदायिक स्थल भी है जहाँ ओपन जिम, बच्चों के खेल क्षेत्र और मनोरंजन की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन ने इसके पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए पौधरोपण और नियमित देखभाल के निर्देश दिए हैं। यह इको पार्क स्वच्छता, पुनर्चक्रण और रचनात्मकता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक मॉडल बनकर उभरा है और अन्य क्षेत्रों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है।
छत्तीसगढ़
पत्थरों में उकेरी गई इतिहास की जीवंत गाथा, बारसूर का बत्तीसा मंदिर बना बस्तर की अद्भुत पहचान
दंतेवाड़ा जिले के बारसूर स्थित ऐतिहासिक बत्तीसा मंदिर अपनी अद्भुत शिल्पकला और प्राचीन वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में बने इस मंदिर की पूरी संरचना 32 पत्थर के स्तंभों पर टिकी है और इसका निर्माण बिना चूना-गारा के किया गया था। मंदिर में दो गर्भगृह, घूमने वाला शिवलिंग और विशाल नंदी प्रतिमा विशेष आकर्षण हैं। बारसूर का यह मंदिर बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन वैज्ञानिक समझ का जीवंत प्रतीक माना जाता है।
आईपीएल मैचों की तैयारियां : 10 और 13 मई को शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम में होंगे बड़े मुकाबले
नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 10 और 13 मई 2026 को होने वाले आईपीएल मैचों की तैयारियों को लेकर राज्य प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था शुरू कर दी है। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को सुरक्षा, यातायात, बिजली, पानी और आपातकालीन सेवाओं की पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान, CCTV निगरानी और संयुक्त सुरक्षा टीम तैनात की जा रही है। एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए अलग इमरजेंसी रूट तय किए गए हैं।
यात्रा
गिर के जंगलों में गूंजेगी ट्रेन की सीटी : अब विस्टाडोम कोच से बब्बर शेरों का दीदार करेंगे सैलानी
गुजरात के गिर नेशनल पार्क में एक प्रस्तावित “ट्रेन सफारी” की योजना है, जिसमें विस्टाडोम कोच के जरिए पर्यटक जंगल के बीच से यात्रा करते हुए एशियाई शेरों को करीब से देख सकेंगे। इस प्रोजेक्ट में कांच की छत और 360° घूमने वाली सीटों वाले कोच होंगे, और सासन गिर को मुख्य केंद्र बनाकर जूनागढ़–देलवाड़ा और तालाला–कांसियानेश जैसे रूटों पर संचालन की योजना है। पुरानी मीटर गेज रेल लाइन को हेरिटेज टूरिज़्म में बदलकर आसपास के स्टेशनों को भी विकसित करने का प्रस्ताव है। यह पहल पर्यटन बढ़ाने के साथ-साथ प्रकृति अनुभव को और अनोखा बनाने का लक्ष्य रखती है, हालांकि इसे लागू करने में पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियाँ भी होंगी।
यात्रा
नई सौगात : 5 नई हाई-स्पीड ट्रेनों से अब आपका सफर होगा आसान
रेल नेटवर्क में विस्तार करते हुए जल्द ही 5 नई वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों की शुरुआत होने जा रही है। 20 कोच वाली हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस (180 किमी/घंटा) शुरू होगी, जो मात्र 7-8 घंटे में सफर पूरा करेगी। स्लीपर सुविधाओं वाली 'अमृत भारत' ट्रेन चलाई जाएगी, जिसमें जनरल से लेकर फर्स्ट एसी तक के कोच होंगे।
देश
बरगी डैम हादसा : रेस्क्यू टीम को मिले दो और शव, मृतकों की संख्या 13, क्रूज की फिटनेस पर उठे सवाल
बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में राहत और बचाव कार्य के दौरान दो और शव—9 वर्षीय मयूरन और उनके चाचा कामराज—बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। मयूरन तमिलनाडु से अपने परिवार के साथ घूमने आया था। कामराज जबलपुर में मशीनिस्ट थे और परिवार के साथ पिकनिक पर गए थे। उनके परिवार के कुछ सदस्य क्रूज पर सवार थे, जबकि कुछ घाट पर ही रुक गए थे, जिससे वे हादसे से बच गए।