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गंगरेल में मिली नेमीनाथ की 37 साल पुरानी प्रतिमा
गंगरेल में मिली नेमीनाथ की 37 साल पुरानी प्रतिमा
धमतरी

गंगरेल बांध में मिली 37 साल पुरानी भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा, जैन समाज ने मंदिर में रखा सुरक्षित

धमतरी के गंगरेल बांध के बोटिंग स्थल के पास भगवान नेमीनाथ की करीब 11 इंच की प्रतिमा मिली है। जैन समाज ने प्रतिमा को श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में सुरक्षित रखा है। दावा नहीं आने पर इसे पालीताना तीर्थ भंडार ले जाया जाएगा।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
13 Aug 2026, 07:17 PM
धमतरी
धमतरी जिले के प्रसिद्ध गंगरेल बांध के बोटिंग स्थल के पास भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा मिलने से लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है। प्रतिमा मिलने की जानकारी जैसे ही जैन समाज के लोगों को मिली, वे मौके पर पहुंचे। इसके बाद धार्मिक विधि-विधान के साथ प्रतिमा को वहां से लाकर धमतरी के इतवारी बाजार स्थित श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में सुरक्षित रखा गया है। 
प्रतिमा कहां से आई और इसे गंगरेल बांध के पास किसने छोड़ा, फिलहाल इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। जैन समाज से मिली जानकारी के अनुसार भगवान नेमीनाथ की यह प्रतिमा करीब 11 इंच की है और लगभग 37 साल पुरानी बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में इसका निर्माण राजस्थान के जयपुर में होने की बात सामने आई है। 

दो महीने तक मंदिर में सुरक्षित रखी जाएगी प्रतिमा

समाज के लोगों का अनुमान है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रतिमा को यहां लाकर छोड़ा होगा। हालांकि इसके पीछे क्या कारण था और प्रतिमा गंगरेल बांध के बोटिंग स्थल तक कैसे पहुंची, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। जैन समाज ने फिलहाल प्रतिमा को श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर में सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। समाज के मुताबिक करीब दो महीने तक इंतजार किया जाएगा। इस अवधि में यदि कोई व्यक्ति प्रतिमा की उचित पहचान और प्रमाण के साथ दावा करता है, तो समाज की ओर से नियमानुसार आगे का निर्णय लिया जाएगा। समाज के पदाधिकारियों के अनुसार तय अवधि में प्रतिमा पर कोई उचित दावा सामने नहीं आने की स्थिति में इसे गुजरात के पालीताना स्थित तीर्थ भंडार ले जाया जाएगा।

 पुलिस को भी दी गई मामले की जानकारी

जैन परंपरा के अनुसार पुरानी अथवा विसर्जन योग्य प्रतिमाओं को धार्मिक प्रक्रिया के तहत पालीताना क्षेत्र में ले जाने की परंपरा है। इसी के तहत प्रतिमा को वहां सुरक्षित जमा कराने या निर्धारित धार्मिक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई है। गंगरेल बांध जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर भगवान नेमीनाथ की प्रतिमा मिलने का मामला स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जैन समाज ने प्रतिमा को सुरक्षित रखने के साथ इसकी सूचना संबंधित पुलिस को भी दी है। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा किसकी है, इसे यहां कौन लेकर आया और किन परिस्थितियों में गंगरेल बांध के पास छोड़ा गया।
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