प्राचीन, ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी सिरपुर के समग्र विकास को लेकर सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) की प्रारंभिक बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने की। बैठक में सिरपुर विकास योजना प्रारूप 2041 को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और क्षेत्र के भविष्य के विकास की रूपरेखा पर विचार-विमर्श हुआ।
सिरपुर सहित 34 गांव और आरक्षित वन क्षेत्र होंगे शामिल
बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के प्रावधानों के तहत तैयार की जा रही सिरपुर विकास योजना प्रारूप 2041 पर अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिया। नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय रायपुर के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 को आधार मानकर सिरपुर क्षेत्र में आगामी वर्षों की विकास संभावनाओं को देखते हुए वर्ष 2041 तक की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। योजना क्षेत्र में सिरपुर सहित कुल 34 गांव और आरक्षित वन क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इस पूरे निवेश क्षेत्र की कुल जनसंख्या करीब 25 हजार 927 है, जबकि इसका कुल क्षेत्रफल 22 हजार 286.3 हेक्टेयर है। इसमें 12 हजार 111.7 हेक्टेयर ग्रामीण क्षेत्र और 10 हजार 174.6 हेक्टेयर आरक्षित वन क्षेत्र शामिल है।
पर्यटन, रोजगार और अधोसंरचना विकास पर रहेगा जोर
बैठक में बताया गया कि सिरपुर विकास योजना का उद्देश्य क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, कृषि संसाधनों, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य के आधार पर एक विकसित एवं सतत क्षेत्रीय केंद्र के रूप में तैयार करना है। योजना के तहत स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने, ग्रामीणों के कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा सामाजिक समानता, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की योजना है।
सांसद ने ग्रामीणों के सुझाव शामिल करने पर दिया जोर
बैठक में सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि सिरपुर विकास योजना ऐसी होनी चाहिए, जो लंबे समय तक प्रभावी रहे और आम लोगों की जरूरतों के अनुरूप हो। उन्होंने कहा कि निवेश क्षेत्र में शामिल ग्राम पंचायतों को मास्टर प्लान उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीण प्रतिनिधि इसका अध्ययन कर अपने सुझाव दे सकें और उन्हें योजना में शामिल किया जा सके।
सड़कों के चौड़ीकरण की उठी मांग
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने सिरपुर क्षेत्र की सड़कों के चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सिरपुर में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रमुख मार्गों को बेहतर और चौड़ा किया जाना जरूरी है। उन्होंने सड़कों की चौड़ाई लगभग 100 फीट तक रखने का सुझाव दिया, जिससे यातायात व्यवस्था सुगम हो सके।
सुझावों के बाद भेजा जाएगा अंतिम प्रारूप
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि सिरपुर विकास योजना 2041 का उद्देश्य वर्तमान स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बसाहट की अनुमानित जनसंख्या और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकास परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। प्राप्त सुझावों को शामिल करने के बाद योजना को संचालनालय नगर तथा ग्राम निवेश, इंद्रावती भवन भेजा जाएगा।
बैठक में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, साडा सीईओ धम्मशील गणवीर, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, नगर निवेश अधिकारी विनीत नायर, तुमगांव नगर पंचायत अध्यक्ष बलराम कांत साहू, जनपद अध्यक्ष महासमुंद दिशा दीवान, उप पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और क्षेत्र के ग्राम पंचायतों के सरपंच मौजूद रहे। जलकी, चुहरी, सेनकपाट, पासीद, अमलोर, सुकुलबाय और खैरझिटी सहित कई गांवों के सरपंचों ने भी बैठक में अपने सुझाव रखे।