"मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य" के लिए 17 परिणाम मिले
महासमुंद
स्वास्थ्य सेवा में नई मजबूती : 102 महतारी एक्सप्रेस से हजारों मरीजों को मिला निःशुल्क परिवहन का लाभ
102 महतारी एक्सप्रेस सेवा जिले में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं और जरूरतमंद मरीजों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रही है। पिछले छह माह में इस सेवा के माध्यम से 2305 मरीजों को अस्पताल से घर, 1742 मरीजों को घर से अस्पताल और 478 मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाया गया।
राज्य सरकार
समीक्षा बैठक : स्वास्थ्य संस्थानों में दवा और जांच सुविधा सुनिश्चित करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में टीबी उन्मूलन, कुष्ठ नियंत्रण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर देते हुए अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार
प्रशिक्षण : गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने मितानिनों को किया गया प्रशिक्षित
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तुमगांव में मितानिन कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें तुमगांव, बागबाहरा और पिथौरा के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं समन्वयकों को विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। कार्यशाला में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
राज्य सरकार
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना : फील्ड अमले की क्षमता वृद्धि हेतु प्रशिक्षण आयोजित
बागबाहरा स्थित आईसीडीएस परियोजना कार्यालय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें सीडीपीओ, सेक्टर पर्यवेक्षक और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को योजना के प्रावधानों, पोर्टल संचालन, पात्र हितग्राहियों के शत-प्रतिशत पंजीयन, लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं डेटा एंट्री की सटीकता पर प्रशिक्षण दिया गया।
सारंगढ़-बिलाईगढ़
स्वास्थ्य विभाग : मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव, जिला प्रशासन ने कसी कमर
जिला स्वास्थ्य विभाग ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई कार्ययोजना लागू की है। इसके तहत उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समयपूर्व पहचान, शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित एएनसी जांच और ईडीडी ट्रैकिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों की रोकथाम हेतु अभियान चलाया जा रहा है और सभी स्वास्थ्य संस्थानों में जांच, दवा वितरण व रेफरल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।