"प्राकृतिक खेती" के लिए 33 परिणाम मिले
राज्य सरकार
कृषि विकास को नई दिशा : समीक्षा बैठक में खरीफ तैयारी, खाद-बीज आपूर्ति और जैविक खेती पर जोर
छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी ने कृषि विभाग एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेकर खरीफ सीजन की तैयारियों, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने, फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
राज्य सरकार
खेत बचाओ अभियान : 20 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल का आयोजन
जिले में खेत बचाओ अभियान के तहत 30 जून तक कृषक चौपाल एवं संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महासमुंद, पिथौरा और सरायपाली के 20 ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम हुए, जिनमें किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए जागरूक किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक खेती, हरी खाद, जैव उर्वरक एवं नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी।
राज्य सरकार
कृषि में बड़ा बदलाव : 40 लाख किसानों के लिए नई रणनीति, डिजिटल खेती और प्राकृतिक कृषि पर जोर
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और प्राकृतिक खेती के नए युग में प्रवेश कर रहा है। ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत राज्य सरकार का लक्ष्य 40 लाख किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को आधुनिक बनाना है। नई दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बताया गया कि राज्य में दलहन उत्पादन में 76% की वृद्धि और तिलहन क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
सफलता : धान से आगे बढ़कर मिर्च, मक्का और मछली पालन से किसान बना रहा मॉडल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के ग्राम फुतकेल के किसान गोपाल एर्रागोला ने आधुनिक और बहुफसली खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। वर्षा आधारित धान खेती से आगे बढ़ते हुए उन्होंने मक्का, मूंगफली, मिर्च, सब्जी उत्पादन, पशुपालन और मछली पालन को अपनाया। कृषि विभाग, आत्मा योजना, ड्रिप सिंचाई, सौर सुजला योजना और प्राकृतिक खेती तकनीकों की मदद से उनकी वार्षिक शुद्ध आय लगभग 3.94 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य किसानों और युवाओं को भी वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित कर रही है।
दीक्षण समारोह : कृषि शिक्षा, एआई और ड्रोन तकनीक से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेन डेका ने कृषि में वैल्यू एडिशन, आधुनिक तकनीक और कम जमीन में अधिक उत्पादन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एआई, ड्रोन, डिजिटल कृषि, हाइड्रोपोनिक्स और प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताया। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित में सरकार की योजनाओं और कृषि के आधुनिकीकरण पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर 128 शोधार्थियों को पीएचडी, 518 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर और 1234 विद्यार्थियों को स्नातक उपाधियां प्रदान की गईं।
जैविक खेती से बदली किस्मत : डोल नारायण पटेल बने प्रेरणा का स्रोत
डोलनारायण पटेल, रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड के प्रगतिशील किसान, ने पारंपरिक खेती छोड़कर जैविक खेती अपनाई और उल्लेखनीय सफलता हासिल की। उन्होंने मात्र 75 डिसमिल जमीन पर जैविक मिर्च की खेती करके कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया और बिना रासायनिक खादों के गोबर खाद व आधुनिक सिंचाई तकनीक का उपयोग किया। उनकी खेती लागत कम और उत्पादन अधिक होने के कारण लाभकारी साबित हुई। अब वे 4 एकड़ में खुशबूदार जवाफूल धान की जैविक खेती की योजना बना रहे हैं। उनकी सफलता यह दिखाती है कि नवाचार और प्राकृतिक खेती अपनाकर छोटे किसान भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।
महासमुंद
विकसित कृषि संकल्प अभियान से गांव-गांव पहुंच रही आधुनिक खेती की तकनीक, किसानों में दिख रहा उत्साह
महासमुंद जिले में 05 से 20 मई 2026 तक चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को उन्नत एवं आधुनिक खेती की जानकारी दी जा रही है। कृषि रथ और शिविरों के माध्यम से किसानों को मिलेट्स की खेती, फसल चक्र परिवर्तन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
महासमुंद
कृषि संकल्प यात्रा : जैविक खेती, मिलेट्स और आधुनिक तकनीक पर किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
जिले में किसानों को आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विकसित कृषि संकल्प यात्रा की शुरुआत कलेक्ट्रेट परिसर से की गई। विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने किसान रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा 05 मई से 20 मई 2026 तक चलेगी, जिसमें रथ गांव-गांव जाकर किसानों को जैविक खेती, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों, फसल चक्र परिवर्तन, मिलेट्स उत्पादन और सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी देगा।
महासमुंद
सरायपाली में राज्यपाल का सख्त संदेश: “डबरी खनन बढ़ाओ, जल बचाओ – हर खेत तक पहुंचे विकास”
राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों को डबरी खनन के लिए प्रोत्साहित किया और जल संरक्षण कार्यों की सराहना की। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और हरित विकास पर जोर दिया। जैविक खेती, रासायनिक उर्वरक कम करने और उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने की हिदायत दी। स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में टीबी, कैंसर और मोतियाबिंद के लिए जनसहभागिता बढ़ाने, योग को जन-जन तक पहुंचाने और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर बल दिया। बैठक में जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।