Bastar News: छत्तीसगढ़ के बस्तर और पड़ोसी राज्य ओडिशा में गौवंश संरक्षण को लेकर सक्रिय गौ सेवकों की पहल के बीच कोटपाड़ में बड़ी कार्रवाई हुई है। यहां 27 गायों को कत्लखाने से बचाया गया, जबकि मौके से करीब 9 क्विंटल गौमांस बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले के बाद गौ सेवकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
गौवंश संरक्षण का मुद्दा उठाने के बाद हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, बस्तर जिले के गौ सेवकों ने ओडिशा के विधायक रूपु भतरा से मुलाकात कर गौवंश की सुरक्षा और संरक्षण का मुद्दा उठाया था। इसके बाद कोटपाड़ में पुलिस की कार्रवाई हुई। बचाई गई 27 गायों में से 19 को छत्तीसगढ़ के कुरंदी स्थित हैप्पी कामधेनु गौशाला भेजा गया, जबकि बाकी 8 गायों को कोटपाड़ के स्थानीय गौपालकों के सुपुर्द कर दिया गया। गौ सेवकों ने गायों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाए जाने को राहत भरा कदम बताया है।
जगदलपुर तक संभावित नेटवर्क जांच की मांग
गौ सेवकों ने गौमांस के परिवहन और बिक्री से जुड़े संभावित नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पहले पकड़े गए गौमांस तस्करी के एक आरोपी ने कोटपाड़ क्षेत्र से गौमांस लाकर बेचने की बात स्वीकार की थी। इसी आधार पर उन्होंने आशंका जताई है कि इस कारोबार की कड़ियां जगदलपुर तक जुड़ी हो सकती हैं। गौ सेवकों की मांग है कि जांच एजेंसियां गौवंश के वध, गौमांस के परिवहन और उसकी बिक्री से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करें। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि बरामद मांस कहां से आया था और उसे किन स्थानों तक पहुंचाया जाना था। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि और जांच आना अभी बाकी है।गौ सेवकों ने कहा- पूरे मामले की जांच हो
गौ सेवक मुन्ना बजरंगी ने कहा कि 27 गायों को बचाया जाना राहत की बात है, लेकिन करीब 9 क्विंटल गौमांस की बरामदगी मामले की गंभीरता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि केवल गायों को बचाने तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इस पूरे मामले से जुड़े लोगों, परिवहन के रास्तों और मांस की संभावित बिक्री के ठिकानों की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, गौ सेवक रोहन घोष ने ओडिशा में भाजपा की सरकार बनने के बाद कोटपाड़ में हुई कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियों को मामले की तह तक पहुंचकर गौमांस के स्रोत और उसके परिवहन में इस्तेमाल किए जाने वाले रास्तों का पता लगाना चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक रूपु भतरा और पुलिस विभाग का जताया आभार
गौ सेवा आयोग के सदस्य दीपक पनपलिया ने कोटपाड़ में की गई कार्रवाई के लिए विधायक रूपु भतरा और पुलिस विभाग के प्रति आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की गहराई से जांच होगी और यदि गौवंश वध या गौमांस के अवैध कारोबार में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौ सेवकों की प्रमुख मांग है कि 27 गायों को बचाने और करीब 9 क्विंटल गौमांस बरामद होने के इस मामले की व्यापक जांच की जाए, ताकि संभावित नेटवर्क का पता लगाकर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।







