Arang News: राजधानी के बूढ़ापारा स्थित 'छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी भवन' में 'प्रशिक्षित गौ सेवक संघ' की एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। संगठन के संरक्षक चंद्रशेखर तिवारी (प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ) के मार्गदर्शन में हुई इस बैठक में प्रदेश के कोने-कोने से आए सैकड़ों गौ सेवकों ने हिस्सा लिया।
20 साल पुराना वादा याद दिलाकर जताया विरोध
बैठक के दौरान गौ सेवकों ने संगठन को मजबूती देने और आगे की रणनीति पर लंबी चर्चा की। बातचीत के दौरान सदस्यों ने साल 2005 का वो ऐतिहासिक वादा याद दिलाया, जब तत्कालीन कृषि एवं पशुपालन मंत्री ननकीराम कंवर ने उन्हें शिक्षाकर्मियों और पंचायत कर्मियों की तर्ज पर तय मानदेय देने की बात कही थी। गौ सेवकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस बात को दो दशक बीत चुके हैं, लेकिन सरकार ने आज तक अपने इस वादे को पूरा नहीं किया। इसके साथ ही गांवों और शहरों में गायों की घटती संख्या और लोगों में पशुपालन के प्रति कम होती रुचि पर भी चिंता जताई गई।
गौ धामों में नियुक्ति और निश्चित वेतन की मांग
बैठक में संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोमनाथ यादव ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शुरू की जा रही 'गौ धाम' योजना में सिर्फ और सिर्फ प्रशिक्षित गौ सेवकों को ही शत-प्रतिशत मौका मिलना चाहिए, इसके लिए संघ पूरी ताकत लगाएगा। उन्होंने साफ किया कि संगठन की सबसे मुख्य मांग 'विभागीय संलग्नीकरण' और 'निश्चित मानदेय' है, और इसे हासिल करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सड़क पर भटकते मवेशियों और हादसों पर जताई चिंता
सड़कों पर घूम रहे बेसहारा मवेशियों के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिस गौ माता को हम पूजते हैं, आज उसी की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। लोग केवल दूध निकालने तक गायों को पालते हैं और बाद में उन्हें लावारिस छोड़ देते हैं। इसकी वजह से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, जिनमें बेजुबान जानवरों की जान तो जा ही रही है, साथ ही राहगीर भी अपनी जान गंवा रहे हैं।बैठक में ये पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रदेश महामंत्री कैलाश साहू, संगठन महामंत्री ननक ठाकुर, प्रदेश सचिव हीरा यादव, प्रदेश महासचिव केशव साहू, कोषाध्यक्ष श्यामा चरण वर्मा और जिला अध्यक्ष अशोक वर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा साधराम मानिकपुरी, सुरेंद्र यादव, गणेश वर्मा, भेषज पांडेय, प्रेमलाल दिनकर, यशवंत साव, सुरेश पुरेना, शिव साहू, रामअवतार साहू, कृष्ण कुमार सिंगरौल, भरत सिंह चौहान, राधेश्याम वर्मा, जलेश्वर मेरावी, नारद चंद्रवंशी समेत प्रदेशभर से आए दर्जनों कार्यकर्ता और गौ सेवक उपस्थित थे।

