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बिलासपुर
विश्व आदिवासी दिवस पर भव्य रैली, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बिलासपुर में आदिवासी समाज की ओर से भव्य रैली निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में जल, जंगल और जमीन बचाने के साथ शिक्षा, सामाजिक एकता और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
बस्तर संभाग
गोंचा महापर्व : बस्तर की अनोखी परंपरा, बांस की तुपकी से भगवान जगन्नाथ को दी जाएगी सलामी
बस्तर के प्रसिद्ध गोंचा महापर्व में 600 साल पुरानी तुपकी परंपरा निभाई जाती है। बांस से बनी तुपकी से भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और बलभद्र को 21 तोपों की तर्ज पर सलामी दी जाती है। यह परंपरा बस्तर की संस्कृति के साथ ग्रामीणों के रोजगार का भी आधार बनी हुई है।
सूरजपुर
बारिश की आस में अनोखी शादी : सूरजपुर में ग्रामीणों ने कराया मेढ़क-मेढ़की का विवाह
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खूंशी क्षेत्र में बारिश नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने मानसून को बुलाने के लिए अनोखी परंपरा निभाई। ग्रामीणों ने मेढ़क-मेढ़की का विवाह कराकर इंद्रदेव से अच्छी बारिश की कामना की। बैंड-बाजे के साथ निकली बारात और आदिवासी रीति-रिवाजों से हुए इस आयोजन में आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।
बस्तर संभाग
बस्तर कला : दुनिया के बाजार में, 1.80 करोड़ की परियोजना , शिल्पकारों को मिलेगा नया मंच
बस्तर के पारंपरिक हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए राज्य शासन ने 1.80 करोड़ रुपए की विशेष परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत ढोकरा शिल्प, काष्ठ कला, टेराकोटा, सीसल शिल्प और अन्य पारंपरिक उत्पाद पहली बार अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।