"स्टॉपडेम" के लिए 5 परिणाम मिले
राज्य सरकार
Chhattisgarh Farmers: कोरिया के जोबापारा में स्टॉपडेम ने बदली किसानों की किस्मत, 30 एकड़ खेतों में लहलहा रही धान की फसल
Chhattisgarh Farmers: कोरिया जिले के कदमनारा ग्राम पंचायत के जोबापारा गांव में नकटी नाले पर बने स्टॉपडेम ने किसानों की जिंदगी बदल दी है। मनरेगा के तहत 19 लाख रुपए से अधिक की लागत से बने इस स्टॉपडेम से करीब 30 एकड़ खेतों में सिंचाई सुविधा मिलने लगी है। पहले पानी की कमी से परेशान आदिवासी किसान अब धान के साथ सब्जी और गेहूं की खेती की योजना बना रहे हैं।
रायपुर संभाग
पेयजल समस्या का समाधान : रीवा में बनेगा 4 करोड़ का स्टॉपडेम, पेयजल संकट से मिलेगी राहत
आरंग जनपद के ग्राम रीवा की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉपडेम निर्माण की घोषणा की है। यह पहल जनपद पंचायत सभापति कृष्णा महेश साहू द्वारा सुशासन शिविर में उठाई गई मांग के बाद संभव हुई। स्टॉपडेम बनने से जल संरक्षण, भू-जल स्तर में सुधार और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है।
महासमुंद
Chhattisgarh farmers: किसानों की 18 मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा भारतीय किसान संघ, सौंपा ज्ञापन
Chhattisgarh farmers: भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संगठन ने फसलों का लाभकारी मूल्य, सिंचाई व्यवस्था, 24 घंटे बिजली, कृषि आदानों से जीएसटी हटाने, बीज की गुणवत्ता सुधारने समेत कुल 18 मांगें प्रशासन के सामने रखीं।
रायपुर संभाग
Arang Irrigation Projects: मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के प्रयासों से 13.43 करोड़ से अधिक के सिंचाई कार्यों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति
Arang Irrigation Projects: आरंग में 13.43 करोड़ रुपये से अधिक के तीन सिंचाई कार्यों को प्रशासकीय मंजूरी मिली है। इससे 251 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार
Chhattisgarh Irrigation Projects: कांकेर से दंतेवाड़ा तक सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, 76.93 करोड़ से होंगे जलाशय और नहरों के काम
Chhattisgarh Irrigation Projects: छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 21 योजनाओं को 76.93 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इन कार्यों से विभिन्न जिलों में जलाशयों, नहरों और एनीकट के विकास के साथ हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।