रक्षा
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सबमरीन डील : हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की ताकत, जर्मनी के साथ 6 सबमरीन डील
भारत और जर्मनी के बीच छह आधुनिक पारंपरिक पनडुब्बियों (कन्वेंशनल सबमरीन) के निर्माण को लेकर बहुप्रतीक्षित रक्षा समझौता अगले कुछ महीनों में अंतिम रूप ले सकता है। इस परियोजना के तहत भारत को अत्याधुनिक तकनीक हस्तांतरण (टेक्नोलॉजी ट्रांसफर) का भी लाभ मिलेगा।
सीमा सुरक्षा : BSF पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग कार्य तेज
भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती गांवों में वर्षों से घुसपैठ, तस्करी और फसल चोरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने संवेदनशील इलाकों में फेंसिंग का काम तेज कर दिया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूत बाड़ लगने के बाद न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि खेतों में तैयार फसलों को होने वाले नुकसान और चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी। लोगों को उम्मीद है कि अब वे बिना किसी डर के खेती कर सकेंगे और रात में चैन की नींद सो पाएंगे।
मेगा ऑपरेशन : ISI समर्थित टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहर निशाने पर, 9 संदिग्ध गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 9 संदिग्ध एजेंटों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, यह नेटवर्क देश के कई बड़े शहरों में आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहा था। कार्रवाई के दौरान हथियार, विस्फोटक सामग्री और डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं।
ऑपरेशन सिंदूर : अभी खत्म नहीं, सेना अगले युद्ध की तैयारी में जुटी, जनरल उपेंद्र द्विवेदी
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह समाप्त नहीं माना जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान स्थिति एक अस्थायी युद्धविराम जैसी है और भारतीय सेना भविष्य की चुनौतियों के लिए लगातार तैयारी कर रही है। सेना प्रमुख ने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की एकजुटता और तीनों सेनाओं के समन्वय से जीते जाते हैं।
साजिश नाकाम : ड्रोन से हथियारों की सप्लाई और ब्लास्ट की प्लानिंग, 12 ठिकानों पर छापेमारी
देश की सुरक्षा को निशाना बनाने वाली पाकिस्तान समर्थित एक बड़ी आतंकी साजिश को एनआईए ने समय रहते नाकाम कर दिया। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार में 12 ठिकानों पर छापेमारी कर ड्रोन के जरिए हथियार और आईईडी भारत भेजने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
भारत की नई ताकत : लद्दाख की चोटियों पर मेड इन इंडिया का दम, मिनटों में सेना तक सामान
अहमदाबाद स्थित ड्रोन स्टार्टअप Bajrang UAV Private Limited ने लद्दाख के शिंकुला टॉप पर अपने स्वदेशी हैवी-लिफ्ट ड्रोन PX4P2300 का सफल परीक्षण कर भारतीय रक्षा क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। इस ड्रोन ने 16,400 फीट की ऊंचाई पर 30 किलोग्राम पेलोड उठाकर कठिन मौसम और पतली हवा में स्थिर उड़ान भरी।
मॉस्को का महा-ऑफर : चीन की चुनौती और ड्रोन युग के बीच भारत के 3600 टैंकों को अजेय बनाएगा रूस
भारत के T-72 ‘अजेय’ और T-90 ‘भीष्म’ टैंकों को आधुनिक युद्ध की चुनौतियों, खासकर ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों से बचाने के लिए रूस ने बड़ा रक्षा सहयोग प्रस्ताव दिया है। Uralvagonzavod ने भारतीय टैंकों में ड्रोन-रोधी सुरक्षा, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और आधुनिक फायर कंट्रोल तकनीक जोड़ने की पेशकश की है।
सफेद सागर : जिसने आसमान से बरसाई थी आग, आज ही के दिन वायुसेना ने पलटी थी हारी हुई बाजी
कारगिल युद्ध के दौरान 26 मई 1999 को भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ शुरू किया। इस अभियान का उद्देश्य भारतीय सेना को हवाई सहायता देना और बटालिक, द्रास व अन्य ऊंची चोटियों पर छिपे पाकिस्तानी घुसपैठियों को निशाना बनाना था।
भारत : आर्मेनिया की नजर भारत की ‘प्रलय’ मिसाइल पर, रक्षा साझेदारी को मिल सकती है नई ताकत
दक्षिण कॉकस क्षेत्र में बदलते सामरिक हालात के बीच आर्मेनिया भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक आर्मेनिया भारत की अत्याधुनिक ‘प्रलय’ बैलिस्टिक मिसाइल, Akash-NG एयर डिफेंस सिस्टम और Su-30SM लड़ाकू विमानों के अपग्रेड को लेकर बातचीत कर रहा है। अजरबैजान संघर्ष के बाद रूसी हथियारों पर भरोसा कम होने से आर्मेनिया अब भारतीय रक्षा तकनीक को अधिक विश्वसनीय मान रहा है। विशेषज्ञ इसे भारत की रक्षा कूटनीति और वैश्विक रक्षा निर्यात के लिए बड़ा अवसर मान रहे हैं।
आसमान का नया काल : पोखरण से जोशीमठ तक गूंजी स्वदेशी Kamikaze ड्रोन वायु अस्त्र-1 की दहाड़
NIBE Limited ने भारतीय सेना के लिए स्वदेशी लोइटरिंग म्यूनिशन सिस्टम Vayu Astra-1 का सफल परीक्षण किया। इसका परीक्षण राजस्थान के पोखरण रेगिस्तान और उत्तराखंड के जोशीमठ/मलारी के 14,000 फीट ऊंचे बर्फीले इलाके में किया गया। इस ड्रोन की प्रमुख खूबियों में 100 किमी मारक क्षमता, 90 मिनट से अधिक उड़ान समय, 1 मीटर से कम CEP (बेहद सटीक निशाना), री-अटैक क्षमता और 10 किलोग्राम वारहेड शामिल हैं।