सेहत
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गर्मी में नींबू का विकल्प : स्वाद और सेहत के देसी उपाय
गर्मियों में नींबू की जगह इमली, कच्चा आम, आंवला, छाछ और सिरका जैसे प्राकृतिक विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ये न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि शरीर को ठंडक देने, डिहाइड्रेशन से बचाने और पाचन सुधारने में भी मदद करते हैं।
नोरोवायरस का प्रकोप : क्रूज जहाज में फैला संक्रमण, यात्रियों को आइसोलेशन में रखा गया
कैरिबियन में कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज जहाज** पर नोरोवायरस फैलने से 115 लोग संक्रमित हो गए हैं। जहाज में सवार 3,116 यात्रियों में से 102 यात्री और 13 क्रू मेंबर बीमार पाए गए। सभी संक्रमित लोगों को अलग रखा गया है और जहाज पर सफाई व सैनिटाइजेशन जारी है। CDC ने भी स्थिति पर नजर रखी है।
नाभि में तेल लगाने का ट्रेंड : कौन सा तेल किस काम आता है और क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सोशल मीडिया पर नाभि में तेल लगाने का घरेलू नुस्खा तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। माना जाता है कि इससे त्वचा को नमी और आराम मिल सकता है, हालांकि विशेषज्ञ इसे मेडिकल इलाज नहीं मानते। अरंडी, नारियल, तिल, बादाम और सरसों जैसे अलग-अलग तेलों का उपयोग त्वचा की जरूरत के अनुसार किया जाता है। सही तरीके और सावधानियों के साथ ही इसका इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है।
बांग्लादेश : खसरे का भयानक प्रकोप,खसरा बना जानलेवा संकट, हजारों मासूम अस्पतालों में भर्ती, स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव
बांग्लादेश में खसरा का प्रकोप गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है। हजारों बच्चे संक्रमित होकर अस्पतालों में भर्ती हैं और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, कम टीकाकरण, जागरूकता की कमी और शुरुआती लक्षणों की अनदेखी संक्रमण फैलने की बड़ी वजह है।खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है, जिसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, आंखों में लालिमा और शरीर पर लाल दाने शामिल हैं। डॉक्टरों ने समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई और संक्रमित लोगों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। वहीं सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियां टीकाकरण अभियान तेज कर संक्रमण रोकने की कोशिश में जुटी हैं।
रेसिपी : नाश्ते में बनाएं स्वाद और सेहत से भरपूर पनीर पराठा, हर बाइट में मिलेगा लाजवाब स्वाद
अगर आप हेल्दी, टेस्टी और जल्दी बनने वाला नाश्ता ढूंढ रहे हैं, तो पनीर पराठा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। प्रोटीन से भरपूर यह पंजाबी डिश स्वाद के साथ-साथ शरीर को भरपूर ऊर्जा भी देती है। आसान मसालों और पनीर की स्टफिंग से तैयार होने वाला यह पराठा बच्चों के टिफिन से लेकर ब्रेकफास्ट और डिनर तक हर मौके के लिए परफेक्ट है।
मीठी ड्रिंक्स : साइलेंट किलर, तेजी से बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा
स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ज्यादा चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस और जंक फूड का लगातार सेवन फैटी लीवर का खतरा तेजी से बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में अतिरिक्त शुगर फैट बनकर लिवर में जमा होने लगती है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, शराब और खराब लाइफस्टाइल भी इसके बड़े कारण हैं। पेट में भारीपन, थकान, कमजोरी और पाचन संबंधी समस्याएं इसके सामान्य लक्षण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बचाव के लिए हेल्दी डाइट, नियमित व्यायाम, मीठी ड्रिंक्स से दूरी और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी है।
गर्मी में स्वस्थ रहने के आयुर्वेदिक उपाय : जानें खानपान और दिनचर्या की जरूरी सावधानियाँ
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी, थकान, कमजोरी और पाचन समस्याएँ बढ़ जाती हैं। आयुर्वेद के अनुसार इस समय पित्त और वात दोष असंतुलित हो सकते हैं, इसलिए सही खानपान और दिनचर्या जरूरी है। केवल ठंडा पानी नहीं, बल्कि नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी जैसे प्राकृतिक पेय लें, कोल्ड ड्रिंक और बहुत ठंडी चीजों का सेवन कम करें, मसालेदार और तला-भुना खाना कम करके हल्का भोजन करें।
मांसपेशियों की कमजोरी : पैरों में दर्द को न करें नजर अंदाज, हो सकता है डायबिटीज न्यूरोपेथी
डायबिटीज न्यूरोपेथी एक ऐसी स्थिति है जो लंबे समय तक डायबिटीज नियंत्रित न रहने पर होती है, जिसमें पैरों की नसें प्रभावित हो जाती हैं। इसके लक्षणों में पैरों का सुन्न होना, झनझनाहट, दर्द और मांसपेशियों की कमजोरी शामिल है। इससे बचाव के लिए ब्लड शुगर नियंत्रण, सही खानपान, नियमित व्यायाम और पैरों की देखभाल जरूरी है।
सेहत : 40 के बाद हड्डियों को मजबूत रखने के लिए अपनाएं ये आसान देसी उपाय
बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होना सामान्य है, लेकिन सही खान-पान और लाइफस्टाइल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है। कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर आहार जैसे दूध, दही, हरी सब्जियां, दालें और ड्राई फ्रूट्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। साथ ही सुबह की धूप, नियमित हल्की एक्सरसाइज और संतुलित आहार हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी हैं। गलत खान-पान, धूप की कमी, शारीरिक गतिविधि की कमी और बीमारियां जैसे ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को कमजोर कर सकती हैं, इसलिए समय रहते सही आदतें अपनाना जरूरी है।
कुपोषण और एनीमिया : बच्चों व महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट
भारत में कुपोषण और एनीमिया एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुके हैं, जिनका सबसे अधिक असर बच्चों और महिलाओं पर पड़ रहा है। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग और कमजोर विकास की समस्या व्यापक है, जबकि बड़ी संख्या में महिलाएँ एनीमिया से ग्रसित हैं। कुपोषण का मुख्य कारण संतुलित आहार की कमी, आयरन और पोषक तत्वों का अभाव, गरीबी, स्वच्छता की कमी और जागरूकता की कमी है। इसका प्रभाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास, रोग प्रतिरोधक क्षमता और भविष्य की उत्पादकता पर पड़ता है, वहीं महिलाओं में कमजोरी, गर्भावस्था की जटिलताएँ और मातृ मृत्यु का जोखिम बढ़ता है।
मानसिक स्वास्थ्य संकट : युवाओं के लिए एक गंभीर चुनौती, जानें कारण, लक्षण और समाधान
आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य एक गंभीर और बढ़ती हुई समस्या बन चुका है, विशेषकर युवाओं और बच्चों में। पढ़ाई, करियर की प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग, पारिवारिक तनाव और असंतुलित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं। इसके चलते तनाव, चिंता, अकेलापन, नींद की कमी और आत्मविश्वास में गिरावट जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं, जो आगे चलकर अवसाद का रूप ले सकते हैं। इस समस्या से बचाव के लिए खुलकर बातचीत, योग, ध्यान, नियमित व्यायाम, संतुलित दिनचर्या और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग आवश्यक है। गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ की मदद लेना भी जरूरी है।
स्वास्थ्य संकट : जंक फूड और तनाव का असर, बढ़ती बीमारियों की सच्चाई
भारत में अब संक्रमण वाली बीमारियों की तुलना में लाइफस्टाइल और क्रॉनिक बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, जिनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, मोटापा, फैटी लिवर और थायरॉइड प्रमुख हैं। इसकी मुख्य वजहें गलत खानपान, जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और नींद की कमी हैं। ये समस्याएँ अब युवाओं में भी तेजी से दिख रही हैं। शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य लगते हैं, इसलिए लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर हेल्थ चेकअप से इन बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।