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AAP में बड़ी टूट का दावा : राघव चड्ढा के इस्तीफे और BJP में जाने की अटकलों ने बढ़ाया सियासी पारा
दिल्ली की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब खबरें सामने आईं कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कथित तौर पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और कई अन्य सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, राघव चड्ढा ने पार्टी पर आरोप लगाया कि AAP अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और अब व्यक्तिगत हितों के लिए काम कर रही है। बताया गया कि उनके साथ स्वाति मालीवाल, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और हरभजन सिंह जैसे कई सांसद भी शामिल हो सकते हैं।
वीआईपी सिक्योरिटी में बड़ा फेरबदल : बिहार में डिप्टी सीएम और निशांत कुमार को ‘Z’ सुरक्षा, विजय सिन्हा की श्रेणी घटी
इधर, जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि ‘Z’ श्रेणी में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की एक विशेष टीम तैनात रहती है, जो आधुनिक हथियारों और सुरक्षा प्रोटोकॉल से लैस होती है।
बिहार में आज बदलेगा ‘नीतीश मॉडल’ का सियासी स्वरूप
बिहार की राजनीति एक ऐसे संक्रमणकाल से गुजर रही है, जहां बदलाव नेतृत्व तक सीमित नहीं, पूरे राजनीतिक ढांचे और कार्यशैली को प्रभावित करने वाला है। पिछले दो दशकों में जिस संतुलनकारी राजनीति ने राज्य की सियासत को दिशा दी, आज वही मॉडल एक निर्णायक मोड़ पर दिखाई दे रहा है। बदलते समीकरण, नए शक्ति केंद्र और स्पष्ट होते वैचारिक विभाजन इस बात के संकेत हैं कि बिहार अब एक नए राजनीतिक दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां निर्णय अधिक सीधे और मुकाबले अधिक स्पष्ट होंगे।
जग्गी हत्याकांड : सियासत, न्याय और समय की लंबी लड़ाई का निर्णायक मोड़, फैसले ने फिर गरमाई छत्तीसगढ़ की राजनीति
छत्तीसगढ़ के विस्तृत फैसले ने यह स्पष्ट किया कि समान साक्ष्यों के आधार पर किसी एक आरोपी को अलग राहत देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इस टिप्पणी ने मामले की दिशा तय करने के साथ ही न्यायिक दृष्टिकोण को भी साफ किया। करीब 78 पन्नों के आदेश में अदालत ने यह स्थापित किया कि साजिश के तानेबाने में आरोपी की भूमिका निर्णायक रही। इसी आधार पर सजा सुनाते हुए अदालत ने यह भी संदेश दिया कि लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया अंततः साक्ष्यों के आधार पर ही निष्कर्ष तक पहुंचती है।