पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेता जहांगीर खान उर्फ ‘पुष्पा’ की गिरफ्तारी के बाद भड़का विवाद अब शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जहांगीर खान की पत्नी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोप है कि उन्होंने अपने पति को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के लिए भारी भीड़ जुटाई और इलाके का माहौल खराब करने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिनों पहले पुलिस ने विभिन्न आपराधिक मामलों में नामजद टीएमसी नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उन्हें लेकर जा रही थी, तब की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। इन तस्वीरों को देखकर जहांगीर के समर्थक भड़क गए और उनमें पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्सा फैल गया।
समर्थकों ने किया थाने का रुख
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी आक्रोश का फायदा उठाते हुए जहांगीर खान की पत्नी ने समर्थकों को लामबंद करना शुरू किया। देखते ही देखते फाल्टा इलाके में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। शुरुआत में यह प्रदर्शन सिर्फ जहांगीर की रिहाई की मांग को लेकर था, लेकिन धीरे-धीरे भीड़ फाल्टा थाने की तरफ बढ़ने लगी। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों की मंशा थाने में घुसकर जबरन अपने नेता को छुड़ाने की थी।खुफिया इनपुट से टला बड़ा हादसा
हालांकि, पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम की भनक पहले ही लग चुकी थी। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस और केंद्रीय बलों को पहले ही तैनात कर दिया गया था। जैसे ही भीड़ ने आगे बढ़ने की कोशिश की, सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान काफी देर तक मौके पर तनाव बना रहा।
जांच में पत्नी निकली 'मास्टरमाइंड'
पुलिस इस मामले में पहले ही आठ उपद्रवियों को दबोच चुकी थी। शुरुआती तफ्तीश और इनपुट के आधार पर पुलिस का कहना है कि इस पूरे बवाल की मुख्य सूत्रधार जहांगीर खान की पत्नी ही थीं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
फिलहाल, जहांगीर खान जेल में हैं और उनकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि थाने का घेराव करने की इस साजिश में और कौन-कौन से चेहरे शामिल थे। दूसरी तरफ, इस कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी पारा चढ़ गया है और विपक्ष लगातार ममता सरकार और राज्य पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहा है।