बांकीपुर में जन सुराज का बड़ा धमाका : बीजेपी का अभेद्य किला ढहा, निर्दलीय नीतीश-लालू की जमानत जब्त
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बीजेपी के मजबूत गढ़ को तोड़ते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। जन सुराज प्रत्याशी को 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार 44,827 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। आरजेडी तीसरे नंबर पर खिसक गई।
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कीर्तिमान न्यूज
04 Aug 2026, 10:02 AM
पटना
बिहार की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सालों से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का अभेद्य गढ़ मानी जाने वाली पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इस करारी हार के साथ ही बांकीपुर सीट पर बीजेपी का सालों पुराना दबदबा खत्म हो गया है। यह सीट बीजेपी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसे उनकी परंपरागत सीट माना जाता था। लेकिन इस उपचुनाव में जन सुराज ने बीजेपी समेत तमाम विरोधियों को मात देकर अपनी सियासी ताकत का लोहा मनवाया है।
जीत का जश्न मनाते
चुनाव परिणामों के आंकड़े जन सुराज के पक्ष में एकतरफा झुकाव को साफ दर्शाते हैं:
जन सुराज (विजेता): जन सुराज प्रत्याशी को कुल 64,151 वोट मिले और उन्होंने लगभग 19,324 वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज की।
भारतीय जनता पार्टी (दूसरे नंबर पर): बीजेपी उम्मीदवार नीरज सिन्हा 44,827 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।
राष्ट्रीय जनता दल (तीसरे नंबर पर): आरजेडी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता (रेखा कुमारी गुप्ता) को महज 14,273 वोट मिले और वह तीसरे स्थान पर खिसक गईं।
हमनामों में कोई खास दिलचस्पी नहीं
बांकीपुर उपचुनाव में किस्मत आजमाने के लिए कुल 24 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे। लेकिन पूरे चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा दो खास निर्दलीय उम्मीदवारों की रही—नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव। हालांकि, यह चुनाव परिणाम में असली ट्विस्ट था! ये बिहार के दिग्गज नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव नहीं, बल्कि उनके हमनाम (Duplicate Names) निर्दलीय प्रत्याशी थे। जनता ने इन हमनामों पर कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई और स्थिति यह रही कि दोनों ही उम्मीदवारों की जमानत तक जब्त हो गई।
निर्दलीय नीतीश कुमार: महज 149 वोट
निर्दलीय लालू प्रसाद यादव: सिर्फ 81 वोट
बांकीपुर की यह हार बीजेपी के लिए बहुत बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से उनका मजबूत आधार रहा है। वहीं दूसरी ओर, जन सुराज के लिए यह जीत बिहार की भावी राजनीति में एक मजबूत धुरी के रूप में उभरने का साफ संकेत है।