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ट्रंप के दावे बनाम तेहरान की दोटूक : अमेरिका-ईरान में गुप्त महावार्ता की इनसाइड स्टोरी, क्या टल गया युद्ध या शुरू होने वाली है नई जंग?
पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के सख्त बयानों के बीच ईरान ने खुलासा किया है कि दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में गुप्त बैकचैनल बातचीत चल रही है। ईरान ने साफ कहा है कि दोनों पक्षों के बीच भरोसे और विचारधारा की गहरी खाई होने के कारण जल्द किसी युद्धविराम या समझौते की उम्मीद नहीं है।
आईएमडी : जलवायु संकट और गहरा सकता है सुपर अल नीनो, एक्सपर्ट अलर्ट
अल नीनो के संभावित सुपर रूप को लेकर वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है।राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन के अनुसार जुलाई तक इसके विकसित होने की 80 प्रतिशत संभावना है, जिससे वैश्विक तापमान, भीषण गर्मी, सूखा और बाढ़ जैसी चरम मौसम घटनाएं बढ़ सकती हैं।
बैराज : पद्मा नदी पर बैराज बनाने की तैयारी से बढ़ी चिंता, बांग्लादेश में पर्यावरण और जल संकट की आशंका
बांग्लादेश में प्रस्तावित पद्मा बैराज परियोजना को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा की धारा पर बनने वाला यह बैराज पर्यावरण, कृषि, जल संतुलन और लाखों लोगों की आजीविका पर गंभीर असर डाल सकता है।
चतुष्पक्षीय : जयशंकर की अध्यक्षता में होगी QUAD बैठक, अमेरिका-जापान-ऑस्ट्रेलिया होंगे शामिल
QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित होगी, जिसमें भारत , अमेरिका-जापान-ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनयिक हिस्सा लेंगे। बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। इंडो-पैसिफिक सुरक्षा, समुद्री सहयोग, चीन की बढ़ती गतिविधियां, साइबर सुरक्षा, सप्लाई चेन और उभरती तकनीकों पर इस बैठक में व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन और QUAD सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।
भारतीय सैटेलाइट : स्वदेशी हथियारों से लैस होगा राफेल F4+, बढ़ेगी IAF की ताकत
भारत और फ्रांस के बीच राफेल F4 और F4+ लड़ाकू विमानों को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के लिए तैयार किया जा रहा Rafale F4+ भारतीय जरूरतों के अनुसार गहराई से कस्टमाइज होगा। इसमें भारतीय मिसाइलें, सैटेलाइट नेटवर्क, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और स्वदेशी कम्युनिकेशन तकनीक को जोड़ा जाएगा। यह फाइटर जेट खासतौर पर हिमालयी मिशन और स्टील्थ फाइटर्स से मुकाबले को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारतीय वायुसेना की भविष्य की युद्ध क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता के लिए बड़ा कदम मान रहे हैं।
भारत-दक्षिण कोरिया : रक्षा साझेदारी का नया अध्याय, अगली पीढ़ी के हथियारों पर साथ काम करेंगे दोनों देश
भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा सहयोग को नई रणनीतिक दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh के सियोल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच लेजर हथियार, गाइडेड एनर्जी वेपन्स, मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम और एडवांस सैन्य तकनीकों के संयुक्त विकास व उत्पादन को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए। विशेषज्ञ इसे भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सामरिक राजनीति के लिहाज से बेहद अहम मान रहे हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता : पाकिस्तान की ‘गुप्त भूमिका का दावा, पश्चिम एशिया में नई हलचल
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनावपूर्ण कूटनीतिक बातचीत के बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इजरायली मीडिया ने दावा किया है कि पाकिस्तान और ईरान के बीच एक गुप्त समझौते पर काम चल रहा है, जिसके तहत इस्लामाबाद अमेरिका के साथ बेहतर डील कराने में तेहरान की मदद कर रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही पाकिस्तान या ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
युद्ध तैयारी : परमाणु सैन्य अभ्यास शुरू, नाटो देशों में बढ़ी दहशत
रसिया और बेलारूस ने यूक्रेन युद्ध के बीच तीन दिवसीय संयुक्त परमाणु सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसमें 65 हजार सैनिक, मिसाइल सिस्टम, फाइटर जेट, युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हैं। रूस ने इस्कंदर-एम मिसाइल सिस्टम में परमाणु हथियार लोड करने का वीडियो भी जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह अभ्यास यूक्रेन और NATO देशों को रणनीतिक संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है। बढ़ते ड्रोन हमलों और वैश्विक तनाव के बीच इस अभ्यास ने यूरोप और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है।
संसाधनों की लड़ाई : सोना-तांबा खदानों पर पाकिस्तान की नजर, बलूचिस्तान में बढ़ा विरोध
Balochistan में खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान सरकार ने रेको डिक और सैंदक जैसी अरबों डॉलर की सोना-तांबा खदानों की सुरक्षा के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाने का फैसला लिया है। दूसरी ओर स्थानीय बलूच संगठनों और मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि सरकार और सेना क्षेत्र के संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित कर रही हैं, जबकि स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। Balochistan Liberation Army समेत कई विद्रोही गुट लगातार इन परियोजनाओं और सैन्य मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और संघर्ष बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सिंधु जल संधि : फिर बढ़ा भारत-पाक तनाव, हेग कोर्ट के फैसले को भारत ने ठुकराया
Indus Waters Treaty को लेकर भारत और Pakistan के बीच फिर तनाव बढ़ गया है। हेग स्थित Permanent Court of Arbitration के हालिया फैसले को पाकिस्तान अपनी जीत बता रहा है, लेकिन भारत ने इस अदालत और उसके फैसले को पूरी तरह अवैध और अमान्य करार दिया है। भारत का कहना है कि उसने कभी इस मध्यस्थता प्रक्रिया को मान्यता नहीं दी। यह विवाद किशनगंगा और रैटल जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर बढ़ा है और अब यह केवल पानी के बंटवारे का मुद्दा नहीं, बल्कि भारत-पाकिस्तान के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक तनाव का अहम हिस्सा बन गया है।
भारत : चिकननेक पर बढ़ी चिंता, चटगांव विवाद ने बढ़ाई हलचल
Arakan Army से जुड़े एक धार्मिक नेता द्वारा जारी कथित नक्शे में बांग्लादेश के Chattogram क्षेत्र के कुछ हिस्सों को “स्वतंत्र रखाइन देश” का हिस्सा दिखाए जाने से दक्षिण एशिया में नई भू-राजनीतिक चिंता बढ़ गई है। म्यांमार के रखाइन क्षेत्र में अराकान आर्मी की बढ़ती ताकत और सीमा क्षेत्रों में अस्थिरता ने बांग्लादेश के साथ-साथ भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर भारत के रणनीतिक Siliguri Corridor यानी “चिकननेक” कॉरिडोर और पूर्वोत्तर सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
सीमा विवाद : भारत पर भड़का पाकिस्तान, रक्षा मंत्री बोले-इतिहास में धकेल देंगे
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की हालिया टिप्पणी के बाद भारत को लेकर तीखा बयान दिया है। आसिफ ने कहा कि यदि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई “दुस्साहस” किया, तो उसे “इतिहास के पन्नों में धकेल दिया जाएगा।” उन्होंने भारत का “भूगोल बदलने” तक की धमकी दी। इस बयान के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच इस तरह की बयानबाजी दक्षिण एशिया की सुरक्षा और स्थिरता पर असर डाल सकती है।