प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रभारी महामंत्री (संगठन) अमरजीत चावला ने जनगणना 2026 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की अलग से गणना नहीं किए जाने पर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जनगणना के लिए पूछे जा रहे 33 प्रश्नों में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं सामान्य वर्ग का उल्लेख है, लेकिन देश की बड़ी आबादी वाले ओबीसी वर्ग को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया है।
अमरजीत चावला ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं को पिछड़ा वर्ग का बताकर राजनीतिक लाभ लेते रहे हैं, लेकिन जब ओबीसी समाज की वास्तविक भागीदारी, संख्या और अधिकार सुनिश्चित करने की बात आ रही है तो भाजपा सरकार पीछे हट जाती है और पिछड़े वर्ग के प्रति अपनी वैसी ही दुर्भावना का प्रदर्शन करती है जैसा कि उन्होंने हाल ही में महिला आरक्षण बिल में देश की आधी आबादी के प्रति दिखाई थी। यह जनगणना स्पष्ट करती है कि भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है।
महासमुंद कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला अध्यक्ष अमरजीत चावला ने यह भी आरोप लगाया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार नहीं चाहती कि देश में ओबीसी समाज की वास्तविक जनसंख्या सामने आए, क्योंकि इससे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हिस्सेदारी की सच्चाई उजागर हो जाएगी। भाजपा हमेशा से सामाजिक न्याय के मुद्दों को दबाने और समाज को बांटने की राजनीति करती आई है।
चावला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से जातिगत जनगणना और सभी वर्गों को उनकी आबादी के अनुसार अधिकार देने की पक्षधर रही है और राहुल गांधी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी जिम्मेदारी होनी चाहिये, लेकिन केंद्र सरकार ओबीसी समाज के अधिकारों को दबाकर सामंतवादी मानसिकता का परिचय दे रही है।
कांग्रेस नेता अमरजीत चावला ने मांग की ,कि जनगणना 2026 में तत्काल ओबीसी वर्ग की अलग से गणना सुनिश्चित की जाए, ताकि देश के करोड़ों पिछड़े वर्ग के लोगों को उनका संवैधानिक हक और वास्तविक प्रतिनिधित्व मिल सके। अन्यथा आने वाले विधानसभा और लोकसभा में परिणाम भुगतने के लिए भाजपा तैयार रहे ।
