Thursday, 05 Nov 2026 भारत
W 𝕏 f
होम › छत्तीसगढ़ › जग्गी मर्डर केस में बड़ा फैसला : अमित जोगी दोषी, …
अमित जोगी और रामअवतार जग्गी
अमित जोगी और रामअवतार जग्गी
छत्तीसगढ़

जग्गी मर्डर केस में बड़ा फैसला : अमित जोगी दोषी, हाईकोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रामावतार जग्गी हत्याकांड में Amit Jogi को हत्या और साजिश का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने 2007 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि सभी आरोपियों में भेदभाव नहीं किया जा सकता।

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 06 Apr 2026, 02:42 PM · अपडेट: 31 Oct 2026, 07:44 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में आखिरकार बड़ा फैसला सामने आया है। हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को हत्या और साजिश का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोष सिद्ध करते हुए 1000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

 हाईकोर्ट ने कहा- एक ही केस में अलग-अलग फैसला गलत

 हाईकोर्ट ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जब सभी आरोपियों पर एक ही अपराध में शामिल होने का आरोप है, तो किसी एक आरोपी को अलग राहत देना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को “कानूनी रूप से असंगत” बताया।

 2007 में बरी, अब दोषी करार

 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था

  • उसी मामले में 28 अन्य आरोपियों को सजा हुई थी
  • हाईकोर्ट ने कहा- एक ही गवाही पर कुछ को सजा और मुख्य आरोपी को राहत देना गलत

 सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

 मामले में रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। पहले इस केस में स्टे मिला, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए केस को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेज दिया, जहां अब यह फैसला आया।

 क्या है पूरा मामला?

  • 4 जून 2003 को रामअवतार की गोली मारकर हत्या
  • कुल 31 आरोपी बनाए गए
  • 2 आरोपी सरकारी गवाह बने
  • 28 को सजा, लेकिन अमित जोगी को पहले बरी किया गया

कौन थे रामावतार जग्गी?

 रामअवतार जग्गी एनसीपी के नेता थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के करीबी माने जाते थे। उन्हें छत्तीसगढ़ में पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया था।

 फैसले के मायने

 करीब दो दशक पुराने इस केस में आया यह फैसला छत्तीसगढ़ की राजनीति और न्यायिक प्रक्रिया के लिए अहम माना जा रहा है। हाईकोर्ट के इस निर्णय से यह साफ संदेश गया है कि लंबे समय बाद भी न्यायिक प्रक्रिया में सच्चाई सामने आ सकती है।

 

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें