दो चरणों में पूरी होगी पूरी प्रक्रिया
देश के अलग-अलग भौगोलिक हालातों को ध्यान में रखते हुए इस बार भी जनगणना का काम दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा:
पहला चरण (पहाड़ी व दुर्गम इलाके):
लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले और मुश्किल भौगोलिक स्थितियों वाले क्षेत्रों में काम पहले शुरू होगा। इन जगहों पर 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच सर्वेक्षण किया जाएगा। हालांकि, आम नागरिकों की सुविधा के लिए 17 अगस्त से 31 अगस्त तक खुद ऑनलाइन माध्यम (Self-Enumeration) से अपनी जानकारी दर्ज कराने की विशेष छूट दी गई है।
दूसरा चरण (मैदानी व शेष भारत):
दूसरे चरण में देश के बाकी हिस्सों में मकानों और आवास की सूची तैयार करने के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक का सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकी डेटा दर्ज किया जाएगा।
इस बार पूछे जाएंगे कौन-कौन से 40 सवाल?
सरकार द्वारा तय प्रश्नावली में आम जीवन, रोजगार, शिक्षा और डिजिटल पहुंच से जुड़े कई नए पहलू जोड़े गए हैं। देखिए प्रमुख सवालों की पूरी सूची:
1. व्यक्तिगत एवं पारिवारिक पहचान
व्यक्ति का नाम और परिवार के मुखिया से संबंध
लिंग, जन्मतिथि और मौजूदा उम्र
वैवाहिक स्थिति और विवाह के समय की आयु
पति या पत्नी का नाम
माता-पिता का पूरा विवरण
स्थायी और वर्तमान निवास का पता
2. सामाजिक, धार्मिक और भाषा संबंधी विवरण
धर्म और नागरिकता (राष्ट्रीयता)
अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) से जुड़ी जानकारी
दिव्यांगता (यदि कोई हो)
मातृभाषा और अन्य सीखी हुई भाषाओं का ज्ञान
3. शिक्षा और डिजिटल साक्षरता
साक्षरता की स्थिति और डिजिटल साक्षरता (स्मार्टफोन/इंटरनेट उपयोग की जानकारी)
शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई का दर्जा
प्राप्त शिक्षा का उच्चतम स्तर और मुख्य विषय/संकाय
4. रोजगार, व्यवसाय और आर्थिक स्थिति
बीते एक साल में किया गया कामकाज
आर्थिक कार्यकलाप की श्रेणी और व्यवसाय का प्रकार
उद्योग, व्यापार या सेवा का स्वरूप
कर्मचारी/कर्मकार का वर्ग
गैर-आर्थिक कार्यकलाप (यदि काम नहीं कर रहे हैं)
काम की तलाश या उपलब्धता की स्थिति
कार्यस्थल तक आने-जाने की यात्रा का जरिया
बैंक खातों की कुल संख्या
5. जन्मस्थान और प्रवास (Migration)
जन्मस्थान और पुराना निवास स्थान
स्थान बदलने (माइग्रेशन) का मुख्य कारण
स्थान परिवर्तन के बाद गांव या शहर में रहने की स्थिति
6. प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े (महिला वर्ग के लिए)
वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या
अब तक जीवित पैदा हुए कुल बच्चों का विवरण
बीते एक साल के दौरान जन्मे बच्चों का विवरण
7. कोविड-19 टीकाकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज
कोविड-19 वैक्सीन कहाँ लगवाई थी? (टीकाकरण स्थल की जानकारी)
मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)
पहचान/दस्तावेज संबंधी सवाल (वैकल्पिक/यदि उपलब्ध हों):
आधार कार्ड की स्थिति (स्वैच्छिक जानकारी)
वोटर आईडी नंबर
पासपोर्ट नंबर
ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता
क्यों खास है यह जनगणना?
इस बार की जनगणना में डिजिटल तकनीकों का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। पहली बार नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन डेटा भरने का विकल्प दिया गया है, जिससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, महामारी के बाद की स्थिति को समझने के लिए कोविड टीकाकरण जैसे आंकड़े पहली बार राष्ट्रीय डेटाबेस का हिस्सा बन रहे हैं।


