छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन विवाद ने एक दिल दहला देने वाली वारदात को जन्म दिया। धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के क्रोंधा गांव में बुजुर्ग दंपती की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद आरोपियों ने उनके शवों और घर में आग लगा दी, ताकि पूरा मामला दुर्घटना जैसा लगे। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच और पुलिस डॉग की मदद से इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि क्रोंधा गांव की करीब चार एकड़ जमीन को मृतक मंगल राठिया ने अधिक कीमत देकर खरीदा था। इसी जमीन को लेकर आरोपी परिवार पहले से नाराज था। वर्षों से चले आ रहे इसी विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया।
घर के भीतर मिले जले हुए शव
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को ग्राम औरामुड़ा निवासी 65 वर्षीय मंगल राठिया और उनकी पत्नी 55 वर्षीय पुनाई बाई राठिया के जले हुए शव उनके घर के अंदर मिले थे। सूचना मिलते ही धरमजयगढ़ पुलिस, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए और पोस्टमार्टम के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से मिली हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी की गंध सूंघकर पुलिस डॉग 'रूबी' सीधे संदिग्ध श्याम लाल राठिया तक पहुंची। इसके बाद एफएसएल रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने श्याम लाल राठिया (32) और उसके भाई जीवन लाल राठिया (48) से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
2013 से चल रहा था जमीन का विवाद
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि जिस जमीन को लेकर विवाद था, उसे वर्ष 2013 में खरीदा गया था। बाद में मंगल राठिया ने वही जमीन खरीद ली और वहां मकान बनाकर खेती करने लगे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और आरोपियों ने बदला लेने की योजना बना ली। पुलिस के मुताबिक, 14 जुलाई की रात दोनों आरोपी टांगी (कुल्हाड़ी) लेकर मंगल राठिया के घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही उन्होंने मंगल राठिया पर लगातार वार कर उनकी हत्या कर दी। शोर सुनकर बाहर आई उनकी पत्नी पुनाई बाई को भी आरोपियों ने नहीं छोड़ा और उनकी भी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने दोनों शवों पर कपड़े, सोफा कवर और अन्य सामान डालकर आग लगा दी। इसके बाद घर के दो कमरों में भी आग लगा दी, ताकि पूरी घटना आगजनी की दुर्घटना जैसी दिखाई दे और हत्या का शक न हो।हत्या के हथियार और कपड़े बरामद
वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए, लेकिन जांच के दौरान उनके मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद कर जब्त कर लिए। इन साक्ष्यों ने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। धरमजयगढ़ पुलिस ने दोनों सगे भाइयों श्याम लाल राठिया और जीवन लाल राठिया, निवासी ग्राम क्रोंधा, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जमीन विवाद या किसी भी प्रकार की आपसी रंजिश का समाधान कानून के दायरे में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपराधी चाहे कितनी भी सुनियोजित साजिश रच लें, वैज्ञानिक जांच, एफएसएल और पुलिस डॉग जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से उन्हें कानून के शिकंजे तक पहुंचाया जा सकता है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।