आदिवासी गोड़ समाज ने गुरुवार को दुर्ग शहर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया। हजारों की संख्या में जुटे समाज के लोगों ने केंद्रीय कार्यालय से रैली निकालकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई और प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
कचहरी चौक पर चक्का जाम
प्रदर्शन के दौरान कचहरी चौक पर अचानक चक्का जाम कर दिया गया, जिससे चारों तरफ वाहनों की कतार लग गई। इसके बाद भीड़ पटेल चौक पहुंची, जहां एम.डी. ठाकुर और सीताराम ठाकुर का सांकेतिक पुतला दहन किया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
चारों रास्तों पर घेराबंदी
प्रदर्शनकारियों ने शहर के चारों प्रमुख रास्तों पर घेराबंदी कर दी और आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। स्थिति संभालने पहुंची पुलिस के सामने भीड़ ने कई जगह बैरिकेड हटाकर खुद सड़क पर लगा दिए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर डटे रहे और हालात पर नजर बनाए रखी।
देवालय का ताला खोलने की मांग पर अड़े
प्रदर्शन की सबसे बड़ी मांग देवालय में लगे ताले को खोलने की रही। समाज का कहना है कि धार्मिक स्थल बंद होने से पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे समाज में भारी नाराजगी है। इसके साथ ही पूर्व अध्यक्ष एम.डी. ठाकुर पर कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ती रही।
समिति चुनाव विवाद से बढ़ा तनाव
जानकारी के अनुसार, समाज की समिति में हुए चुनाव को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितता हुई, जिसके चलते समाज दो गुटों में बंट गया। इसी विवाद के बीच देवालय को बंद किए जाने से हालात और बिगड़ गए।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें देवालय का ताला तत्काल खोलने, चुनाव विवाद की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई। प्रशासन ने प्रतिनिधियों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
घंटों ठप रही यातायात व्यवस्था
प्रदर्शन के चलते कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाके घंटों तक जाम की स्थिति में रहे। आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पुलिस-प्रशासन लगातार स्थिति सामान्य करने में जुटा रहा।
