खैरागढ़ जिले के विचारपुर धान खरीदी केंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो के बाद किसान परिवार ने पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर और सहकारिता विभाग से की है। मामला धान खरीदी के दौरान अवैध वसूली और दबाव बनाने से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसने प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।
धान की गुणवत्ता पर सवाल और खरीदी से इनकार
शिकारीटोला निवासी किसान देविका सिन्हा का परिवार 270 बोरा धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचा था। आरोप है कि जांच के दौरान केंद्र प्रबंधन ने धान की गुणवत्ता को खराब बताते हुए खरीदी से इनकार कर दिया और उन्हें धान वापस ले जाने को कहा। इस फैसले के बाद किसान परिवार परेशान हो गया, क्योंकि महीनों की मेहनत और परिवहन लागत के बाद पूरा माल वापस ले जाना उनके लिए भारी आर्थिक नुकसान जैसा था।
पैसे मांगने और लेन-देन का आरोप
पीड़ित पक्ष का दावा है कि इसी दौरान धान खरीदी को आगे बढ़ाने के बदले कथित रूप से पैसे की मांग की गई। शिकायतकर्ता तुलेश सिन्हा के अनुसार बातचीत के दौरान 10 से 15 हजार रुपये तक की मांग की बात सामने आई। इसी दौरान उन्होंने मोबाइल से कथित बातचीत रिकॉर्ड कर ली, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि धान खरीदी प्रभावित न हो, इसलिए परिवार ने कथित तौर पर 300 रुपये ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और 150 रुपये नकद दिए।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद और किसानों में नाराजगी
वीडियो और लेन-देन के दावों के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों और किसानों में इस घटना को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि पहले ही वे कर्ज, लागत और मौसम की मार से परेशान हैं, ऐसे में खरीदी केंद्रों पर इस तरह के दबाव और कथित वसूली की शिकायतें उनके विश्वास को कमजोर करती हैं।
खरीदी केंद्र प्रबंधन का पक्ष और जांच की स्थिति
इधर विचारपुर धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक गंगाराम साहू ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि विभागीय जांच पहले ही हो चुकी है और शिकायतकर्ता वास्तविक किसान नहीं बल्कि तीसरा व्यक्ति है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान कोई वीडियो प्रस्तुत नहीं किया गया और किसानों ने पैसे देने की बात से भी इनकार किया है। फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है और जांच की प्रक्रिया पर सबकी नजर बनी हुई है।
