कैरिबियन में एक क्रूज जहाज पर नोरोवायरस के फैलने से हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार कैरिबियन प्रिंसेस नामक क्रूज जहाज में सवार लगभग 3,116 यात्रियों में से 115 लोग संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें 102 यात्री और 13 चालक दल के सदस्य शामिल हैं। यह जहाज वर्तमान में डोमिनिकन गणराज्य के उत्तरी तट के पास मौजूद है और जल्द ही बहामास की राजधानी नासाऊ पहुंच सकता है।
संक्रमण की पुष्टि के बाद जहाज पर सख्त स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं और बीमार यात्रियों को अन्य लोगों से अलग आइसोलेशन में रखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज पर कुल 1,131 क्रू मेंबर भी मौजूद हैं और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगातार सैनिटाइजेशन और निगरानी की जा रही है।
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी (CDC) के अनुसार, जब जहाज पर बीमार यात्रियों की संख्या एक तय सीमा से अधिक हो गई, तब सार्वजनिक स्वास्थ्य अलर्ट जारी किया गया। एजेंसी के मुताबिक, नोरोवायरस अत्यधिक संक्रामक है और यह उल्टी, दस्त, पेट दर्द और जी मिचलाने जैसे लक्षण पैदा करता है।
जहाज संचालक प्रिंसेस क्रूजेज़ का बयान
जहाज संचालक कंपनी प्रिंसेस क्रूजेज़ ने बयान जारी कर कहा है कि संक्रमण की जानकारी मिलते ही पूरे जहाज को सैनिटाइज किया गया और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए गए हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि यात्रा पूरी होने के बाद जहाज को पूरी तरह से कीटाणुरहित किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, नोरोवायरस आमतौर पर बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर तेजी से फैलता है, इसलिए क्रूज जहाज इसके लिए संवेदनशील माने जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, दूषित भोजन, पानी या सतहों के जरिए यह वायरस तेजी से फैल सकता है।
इससे पहले भी इसी कंपनी के एक अन्य जहाज पर इसी तरह का संक्रमण सामने आ चुका है, जिससे यह साफ है कि क्रूज यात्रा के दौरान स्वच्छता और सतर्कता बेहद जरूरी है। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संक्रमण को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
नोरो वायरस क्या है
नोरोवायरस एक बेहद संक्रामक वायरस है, जो मुख्य रूप से पेट और आंतों को प्रभावित करता है। इसे आम भाषा में “स्टमक फ्लू” भी कहा जाता है, हालांकि यह फ्लू वायरस से अलग होता है। इस संक्रमण की शुरुआत अचानक होती है और इसके प्रमुख लक्षणों में उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, जी मिचलाना और कभी-कभी हल्का बुखार शामिल हैं। अधिकतर मामलों में यह बीमारी 1 से 3 दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में यह ज्यादा गंभीर हो सकती है।
नोरोवायरस बहुत तेजी से फैलता है। यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क, दूषित भोजन या पानी, या फिर संक्रमित सतहों को छूने के बाद हाथों के जरिए मुंह में जाने से शरीर में प्रवेश कर सकता है। यही कारण है कि यह स्कूलों, अस्पतालों, होटलों और क्रूज जहाजों जैसी जगहों पर जल्दी फैल जाता है।
बचाओ के तरीके
नोरोवायरस से बचाव के लिए सबसे जरूरी बात है साफ-सफाई और सावधानी, क्योंकि यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है। इसके संक्रमण को रोकने के लिए कुछ आसान और प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं।
सबसे पहले, नियमित रूप से साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना चाहिए, खासकर खाने से पहले और शौचालय के बाद। सैनिटाइज़र कुछ हद तक मदद करता है, लेकिन हाथ धोना ज्यादा प्रभावी माना जाता है।
दूसरा, साफ और सुरक्षित भोजन तथा पानी का सेवन करना जरूरी है। कच्चे या संदिग्ध भोजन से बचें और हमेशा ताजा खाना ही खाएं।
तीसरा, अगर किसी व्यक्ति को उल्टी या दस्त जैसे लक्षण हैं, तो उससे दूरी बनाए रखें और उसके उपयोग किए गए बर्तन, कपड़े या सामान को अच्छी तरह साफ और कीटाणुरहित करें।
चौथा, भीड़भाड़ वाली और बंद जगहों पर विशेष सावधानी रखें, क्योंकि वहां संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
पांचवां, संक्रमित व्यक्ति को पूरी तरह ठीक होने तक अलग रखना चाहिए ताकि वायरस दूसरों तक न फैले।
