📅 Thursday, 14 May 2026 भारत
ब्रेकिंग
CBSE 12वीं रिजल्ट : छत्तीसगढ़ के छात्रों का शानदार प्रदर्शन, रायपुर रीजन का रिजल्ट 80.88%, लड़कियां फिर रहीं आगे यूरिया वितरण में गड़बड़ी : 4 उर्वरक विक्रेताओं पर FIR के निर्देश छत्तीसगढ़ BJP के कोर ग्रुप में बड़ा फेरबदल : विजय शर्मा-ओपी चौधरी की एंट्री, बृजमोहन-रामविचार बाहर पुलिस की कार्रवाई : गूगल मैप के भरोसे चला ट्रक, 1500 पेटी शराब सहित थाने पहुंचा CBSE 12वीं रिजल्ट : छत्तीसगढ़ के छात्रों का शानदार प्रदर्शन, रायपुर रीजन का रिजल्ट 80.88%, लड़कियां फिर रहीं आगे यूरिया वितरण में गड़बड़ी : 4 उर्वरक विक्रेताओं पर FIR के निर्देश छत्तीसगढ़ BJP के कोर ग्रुप में बड़ा फेरबदल : विजय शर्मा-ओपी चौधरी की एंट्री, बृजमोहन-रामविचार बाहर पुलिस की कार्रवाई : गूगल मैप के भरोसे चला ट्रक, 1500 पेटी शराब सहित थाने पहुंचा
W 𝕏 f 🔗
होम कांकेर (उत्तर बस्तर) नौकरी का झांसा : कांकेर की बेटियों के बंधक बनाए ज…
कलेक्टर को सौंपा आवेदन
कलेक्टर को सौंपा आवेदन
कांकेर (उत्तर बस्तर)

नौकरी का झांसा : कांकेर की बेटियों के बंधक बनाए जाने का आरोप, परिजनों ने प्रशासन से लगाई गुहार

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की कई युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर झारखंड ले जाकर कथित रूप से बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से बेटियों की सुरक्षित वापसी की मांग की है। मामला तब उजागर हुआ जब एक युवती ने गुप्त मोबाइल संदेश भेजकर मदद मांगी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और संदेशों के बाद मानव तस्करी की आशंका गहरा गई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि केवल कांकेर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों की भी कई युवतियां झारखंड में फंसी हो सकती हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
09 May 2026, 04:11 PM
📍 कांकेर

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से जुड़ा युवतियों के कथित बंधक बनाए जाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। रोजगार दिलाने के नाम पर झारखंड ले जाई गई कई युवतियों के वापस नहीं लौट पाने की खबर ने पूरे इलाके में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है, वहीं युवतियों के परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटियां बेहतर रोजगार की उम्मीद में घर से बाहर गई थीं, लेकिन अब वे वहां फंसी हुई हैं और उनसे ठीक से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।

कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन, प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

मामले को लेकर कांकेर कलेक्ट्रेट में उस समय भावुक माहौल बन गया जब कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी की मांग लेकर पहुंचे। राजकुमार दर्रो, माधव नेताम, बाबूलाल मंडावी समेत अन्य ग्रामीणों ने श्रम विभाग के माध्यम से कलेक्टर को आवेदन सौंपा। आवेदन में बताया गया कि उनकी बेटियां नौकरी के लिए झारखंड गई थीं, लेकिन अब उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा है।

परिजनों ने आरोप लगाया कि युवतियों को अच्छे वेतन और रोजगार का लालच देकर दूसरे राज्य भेजा गया, जहां बाद में उन्हें बंधक जैसी स्थिति में रखा गया। कई परिवारों ने कहा कि पिछले कई दिनों से उनकी बेटियों से सीधा संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे पूरे गांव में भय और बेचैनी का माहौल बना हुआ है।

एक मोबाइल संदेश से सामने आया पूरा मामला

इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा एक युवती द्वारा भेजे गए गुप्त मोबाइल संदेश से हुआ। बताया जा रहा है कि दुर्गूकोंदल क्षेत्र की एक युवती ने गांव के एक युवक को मैसेज भेजकर मदद मांगी। युवती ने संदेश में बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने झारखंड लाया गया और अब वहां जबरन काम कराया जा रहा है। इतना ही नहीं, घर लौटने की अनुमति भी नहीं दी जा रही।

इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और ऑडियो संदेश वायरल होने लगे, जिनमें कई युवतियां मदद की अपील करती दिखाई दीं। इन संदेशों के सामने आने के बाद मामला तेजी से फैल गया और प्रशासन को भी इसकी जानकारी मिली।

मानव तस्करी के संगठित नेटवर्क की आशंका

मामले के सामने आते ही मानव तस्करी के संगठित गिरोह की आशंका जताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता ललित नरेटी ने दावा किया कि केवल कांकेर जिले की ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों की लगभग 35 युवतियां झारखंड में फंसी हुई हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की भी संभावना है।

सूत्रों के मुताबिक, झारखंड के गढ़वा इलाके में कुछ निजी संस्थानों और घरों में इन युवतियों से काम कराया जा रहा था। कई लड़कियों को बाहरी लोगों से बातचीत करने की अनुमति नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि दलाल और अवैध प्लेसमेंट एजेंसियां ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की गरीब युवतियों को बेहतर नौकरी और ऊंची सैलरी का सपना दिखाकर बाहर ले जाती हैं और बाद में उनका शोषण करती हैं।

बेरोजगारी और पलायन बन रहा बड़ी समस्या

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बस्तर और कांकेर जैसे आदिवासी इलाकों में रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण युवा बड़ी संख्या में पलायन करने को मजबूर हैं। बाहरी राज्यों से रोजगार संबंधी विज्ञापन और एजेंसियां यहां के युवाओं को आसानी से अपने जाल में फंसा लेती हैं।

ललित नरेटी ने कहा कि भोले-भाले आदिवासी युवक-युवतियां अच्छे भविष्य की उम्मीद में दूसरे राज्यों में चले जाते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के बाद कई बार उन्हें प्रताड़ना और शोषण का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मानव तस्करी और अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई, रेस्क्यू की तैयारी

मामले ने तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। कांकेर कलेक्टर ने कहा है कि प्रशासन युवतियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। जैसे ही सटीक जानकारी मिलेगी, एक विशेष टीम को झारखंड भेजा जाएगा। इसके अलावा श्रम विभाग और पुलिस विभाग को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि झारखंड प्रशासन से समन्वय बनाकर युवतियों को सुरक्षित वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं पुलिस इस पूरे मामले में मानव तस्करी के एंगल से भी जांच कर रही है।

बेटियों की सुरक्षित वापसी का इंतजार

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी, पलायन और जागरूकता की कमी जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला दिया है। लगातार सामने आ रही मानव तस्करी की घटनाएं प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।

फिलहाल कांकेर जिले के कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गांवों में चिंता और गुस्से का माहौल है, जबकि लोग प्रशासन से जल्द और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि फंसी हुई युवतियां कब सुरक्षित अपने घर लौट पाएंगी।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
📱 हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
सरकारी सूचना राजनीति अतिथि
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश विदेश
ग्लैमर
शिक्षा/करियर सेहत खेल कारोबार पर्यटन धर्म राशिफल/ज्योतिष 🌙 डार्क/लाइट मोड ✍️ डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
🎬
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

⚠️
सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
🔔
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें