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अमित शाह
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बस्तर में बड़ा सियासी-सुरक्षा कदम : 19 मई को अमित शाह का दौरा, नक्सलवाद के खात्मे के बाद होगी हाई लेवल मीटिंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 19 मई को बस्तर दौरे पर रहेंगे, जहां नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों के बाद पहली हाई लेवल सुरक्षा बैठक करेंगे। बैठक में नक्सल उन्मूलन, सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा होगी। सरकार का दावा है कि नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर 11 रह गई है और लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक देश को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का है।

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 06 May 2026, 11:48 AM · अपडेट: 08 Oct 2026, 02:00 AM
रायपुर/बस्तर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह  19 मई को छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर रहेंगे। यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियानों और लगातार हो रही कार्रवाई के बाद स्थिति में बदलाव देखा गया है। गृह मंत्री इस दौरे के दौरान हाई लेवल सुरक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमें राज्य और केंद्र के शीर्ष अधिकारी शामिल रहेंगे।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में नक्सल उन्मूलन अभियान की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा बलों की तैनाती, विकास कार्यों की प्रगति और बचे हुए नक्सल प्रभावित इलाकों में रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

सुरक्षा ढांचे को मिली मजबूती

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल के वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को प्रभावी बताया था। उन्होंने कहा था कि पिछले सात वर्षों में देशभर में 586 फोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिससे सुरक्षा ढांचे को मजबूत आधार मिला है।

इन प्रयासों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। जहां वर्ष 2014 में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी, वहीं अब यह घटकर मात्र 11 रह गई है। इसे सरकार नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रही है।

कॉन्फ्रेंस से पहले बड़ा दावा

गृह मंत्री ने पहले यह भी विश्वास जताया था कि आगामी DGsP/IGsP कॉन्फ्रेंस से पहले देश नक्सलवाद की समस्या से लगभग मुक्त हो जाएगा। उनका कहना था कि पिछले चार दशकों से यह चुनौती देश के लिए गंभीर समस्या बनी हुई थी, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।

सरकारी स्तर पर सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि नक्सलवाद की जड़ मानी जाने वाली विकास की कमी को दूर किया जा सके।

31 मार्च 2026 का लक्ष्य

Amit Shah ने नक्सलवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि इसका मूल कारण गरीबी या विकास की कमी नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि सरकार इस विचारधारा को खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा था कि देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक हासिल कर लिया जाएगा। सरकार का दावा है कि सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई, तकनीकी निगरानी और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से नक्सल नेटवर्क कमजोर हुआ है।

बस्तर दौरे पर टिकी नजरें

अब 19 मई को होने वाले बस्तर दौरे पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस हाई लेवल मीटिंग के बाद नक्सल उन्मूलन अभियान को और तेज किया जा सकता है। साथ ही बस्तर क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण मान रही हैं, क्योंकि यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा है।

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