भिलाई के सेक्टर-7 इलाके में पीलिया का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। सड़क 37-38 के आसपास करीब 145 घरों में रहने वाले कई बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। बच्चों के चेहरे और आंखों में पीलापन साफ नजर आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को सर्वे के दौरान 15 नए मरीजों की पहचान की है। इनमें दो बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, पहले भर्ती दो मरीजों को छुट्टी दे दी गई है और वर्तमान में 4 बच्चों का इलाज जारी है।
110 घरों का सर्वे, पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित क्षेत्र के 110 घरों का सर्वे किया। इस दौरान बच्चों और बड़ों की स्वास्थ्य जांच की गई। तीन घरों से पानी के सैंपल लेकर चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजा गया है।
इसके अलावा भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन और निगम प्रशासन ने भी अलग से पानी के नमूने लिए हैं।

गटर में डूबी पाइपलाइन बदली जा रही, टैंकर से पानी सप्लाई
प्राथमिक जांच में पाइपलाइन में गंदा पानी मिलने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए बीएसपी प्रबंधन ने गटर में डूबी पुरानी पाइपलाइन को बदलने का काम शुरू कर दिया है। मुख्य पाइपलाइन से लेकर घरों तक नई लाइन बिछाई जा रही है। जल संकट से बचाव के लिए निगम प्रशासन ने प्रभावित इलाके में टैंकर के जरिए साफ पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी है।

अब तक 25 से ज्यादा बच्चे संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 25 से ज्यादा बच्चे पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। सिविल हॉस्पिटल सुपेला की टीम और जिला स्वास्थ्य अमले ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और लोगों को जागरूक किया।
क्या हैं पीलिया के लक्षण?
डॉक्टरों के मुताबिक पीलिया दूषित पानी और भोजन से फैलने वाली बीमारी है। इसके लक्षण 15 से 50 दिनों में दिखाई देते हैं, जैसे—
- आंख और त्वचा का पीला पड़ना
- पेशाब का गहरा पीला होना
- भूख कम लगना
- उल्टी, कमजोरी और सिरदर्द
- पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि—
- उबला हुआ पानी ही पिएं
- बाहर का खाना खाने से बचें
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
- लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराएं
फिलहाल प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन लगातार निगरानी जारी है।
