नगर में बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। भीषण गर्मी और उमस के बीच शहर के कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने से आम नागरिक परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही और कमजोर व्यवस्था के कारण उन्हें आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली बंद होने के बाद फॉल्ट सुधारने में कई घंटे लग जाते हैं, जिससे घरों से लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक इसका असर देखने को मिल रहा है।
रातभर बिजली बंद रहने से बढ़ी परेशानी
नगरवासियों का कहना है कि मुख्य विद्युत लाइन, ट्रांसफॉर्मर और 11 केवी लाइन में बार-बार खराबी आने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि रात के समय बिजली बंद होने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
नगरवासियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बिजली समस्या से परेशान नगरवासियों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और शिकायतों का समाधान समय पर नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। नगरवासियों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से जल्द बैठक कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि पिथौरा क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी संसाधनों की कमी बनी वजह
जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों नगर के कई हिस्सों में देर रात से सुबह तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। इसके कारण लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। सुबह बिजली विभाग की टीम ने फॉल्ट सुधारने के बाद आपूर्ति बहाल की, लेकिन इसके बाद भी लोगों की समस्याएं खत्म नहीं हुईं। नगरवासियों ने बताया कि बिजली कटौती के कारण घरों में लगे पंखे, कूलर, फ्रिज, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रभावित हो रहे हैं।
लो-वोल्टेज से भी परेशान उपभोक्ता
नगर के कई इलाकों में बिजली कटौती के साथ-साथ लो-वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि लो-वोल्टेज के कारण मशीनें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने का खतरा रहता है। छोटे व्यापारियों को इसका सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि पुराने ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए, खराब लाइनों को बदला जाए और फॉल्ट आने पर तत्काल सुधार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।