छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित Vedanta Ltd के प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। पश्चिम बंगाल के मजदूर सुब्रोतो जेना (80–90% तक झुलसे) ने शनिवार सुबह रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले मध्यप्रदेश निवासी किस्मत अली की रायपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो चुकी थी। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलसे थे, जिनमें से अब भी 14 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है।
5 बड़ी बातें
- मौत का आंकड़ा 22 पहुंचा, एक और गंभीर झुलसे मजदूर ने तोड़ा दम
- 36 मजदूर झुलसे थे, अब भी 14 अस्पतालों में भर्ती
- बॉयलर फटने से हुआ हादसा, शुरुआती जांच में सामने आई लापरवाही
- चेयरमैन Anil Agarwal समेत 10 पर FIR, डभरा थाने में मामला दर्ज
- FIR कॉपी को लेकर विवाद, Bhupesh Baghel ने उठाए सवाल
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की शुरुआती जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोडक्शन दोगुना करने की जल्दबाजी में बॉयलर फट गया। चेतावनी मिलने के बावजूद काम नहीं रोका गया और मशीनों के रखरखाव में भी बड़ी चूक हुई। इन्हीं आधारों पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। घटना के 24 घंटे बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।

FIR पर सियासत
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने FIR को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पत्रकारों को FIR की कॉपी नहीं दी जा रही और पुलिस ‘ऊपर से मना’ करने की बात कह रही है। बघेल ने पूछा—‘यह ऊपर कौन है? रायपुर में किससे बात करनी है?’
इलाज जारी, जवाबदेही पर नजर
घायलों का इलाज जारी है और कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की दिशा पर नजर बनी हुई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदारों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होगी।

