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मवेशी तस्कार ने किया आत्मसमर्पण
मवेशी तस्कार ने किया आत्मसमर्पण
छत्तीसगढ़

शंखनाद का खौफ : रायगढ़ के कुख्यात मवेशी तस्कर रब्बुल खान ने टेके घुटने, अपराध से तौबा कर किया सरेंडर

रायगढ़ जिला में पुलिस के ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत चल रही सख्त कार्रवाई का बड़ा असर दिखा है। मवेशी तस्करी के आरोपी रब्बुल खान पर लगातार दबाव और छापेमारी के कारण उसने लैलूंगा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। वह लंबे समय से एक संगठित तस्करी नेटवर्क चला रहा था और उसके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज थे। पुलिस ने उसके एक साथी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद नेटवर्क को कमजोर किया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रैक करना आसान हुआ। शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में पुलिस ने पूरे नेटवर्क पर घेराबंदी की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी ने अपराध छोड़ने का वादा करते हुए सरेंडर किया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 29 Apr 2026, 04:13 PM · अपडेट: 02 Nov 2026, 05:05 PM
रायगढ़
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शंखनाद' ने अपराधियों के भीतर कानून का भय पैदा कर दिया है। इसी अभियान के बढ़ते प्रभाव और पुलिस के कड़े रुख को देखते हुए लैलूंगा क्षेत्र के एक बड़े मवेशी तस्कर ने खुद को कानून के हवाले कर दिया है। आरोपी ने न केवल आत्मसमर्पण किया, बल्कि भविष्य में कभी भी गो-तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल न होने की कसम भी खाई है।

लगातार दबिश से टूटा तस्कर का नेटवर्क

जानकारी के अनुसार, ग्राम करवाजोर निवासी 39 वर्षीय रब्बुल खान पिछले काफी समय से क्षेत्र में सक्रिय था और बड़े पैमाने पर मवेशी तस्करी के गिरोह का संचालन कर रहा था। उसके खिलाफ साल 2023 और फिर 2026 में भी गो-तस्करी के गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह बार-बार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।

फरवरी माह में पुलिस ने इसी गिरोह के एक अन्य सदस्य, देवानंद यादव को 16 मवेशियों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। ये मवेशी क्रूरतापूर्वक ओड़िशा के बूचड़खानों में ले जाए जा रहे थे। पूछताछ के दौरान देवानंद ने कबूल किया था कि इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड रब्बुल खान ही है। तब से पुलिस रब्बुल की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछा रही थी।

ऑपरेशन शंखनाद का दिखा असर

रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में शुरू किए गए 'ऑपरेशन शंखनाद' ने तस्करों की कमर तोड़ दी है। पुलिस की विशेष टीमों ने रब्बुल के छिपने के सभी संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। पुलिस के बढ़ते दबाव और चारों तरफ से घिर जाने के कारण रब्बुल खान के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा। अंततः, उसने लैलूंगा थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।

"पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण अपराधी अब खुद सरेंडर कर रहे हैं। रब्बुल खान ने स्वीकार किया है कि वह तस्करी का काम छोड़ देगा। हमने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।" — शशि मोहन सिंह, SSP रायगढ़

अपराध छोड़ मुख्यधारा में आने का विकल्प

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो अपराधी स्वेच्छा से अपराध का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें कानून के दायरे में रहकर सुधार का मौका दिया जाएगा। हालांकि, जो लोग तस्करी और अवैध व्यापार को जारी रखेंगे, उनके खिलाफ जिला पुलिस और भी सख्त कार्रवाई करेगी।

कार्रवाई की मुख्य बातें:

  • आरोपी: रब्बुल खान (उम्र 39 वर्ष), निवासी करवाजोर।

  • इतिहास: 2023 और 2026 में गो-तस्करी के मामले दर्ज।

  • पुलिस रणनीति: 'ऑपरेशन शंखनाद' के तहत तस्करों की घेराबंदी।

  • परिणाम: आरोपी ने तस्करी छोड़ने का संकल्प लिया और जेल भेजा गया।

लैलूंगा पुलिस अब रब्बुल खान के अन्य साथियों और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य कड़ियों की तलाश में जुटी है। एसएसपी ने साफ किया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मवेशियों के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर निगरानी और तेज कर दी गई है।

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