छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जमीन विवाद के चलते भतीजे की तीर मारकर हत्या करने वाले आरोपी बड़े पिता को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बहुचर्चित इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए कठोर फैसला सुनाया। साथ ही मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की भी अनुशंसा की गई है। मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है।
अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना 28 अक्टूबर 2020 की दोपहर करीब 3 बजे की है। ग्राम निवासी पूरन सिंह राठिया अपने बड़े भाई रामप्रसाद राठिया, संतोष राठिया और ओम राठिया के साथ खेत से धान का बंडल ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर गांव लौट रहा था।
बताया गया कि ट्रॉली में पूरन सिंह और संतोष राठिया बैठे हुए थे। इसी दौरान मांझी डोंगरी जंगल के पास पहले से घात लगाकर बैठे बड़े पिता कंवर सिंह राठिया ने अचानक तीर-धनुष से हमला कर दिया। आरोपी ने पूरन सिंह के गर्दन, भुजा और छाती पर लगातार तीर चलाए।
मौके पर ही हो गई थी युवक की मौत
हमला इतना घातक था कि पूरन सिंह राठिया ट्रॉली में ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद साथ में मौजूद लोग डरकर गांव की ओर भागे और ग्रामीणों को पूरे मामले की जानकारी दी। बाद में घरघोड़ा थाना पहुंचकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसी पुरानी रंजिश के कारण आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए और गवाहों के बयान दर्ज किए। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद आरोपी कंवर सिंह राठिया के खिलाफ धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी कंवर सिंह राठिया को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी पर 1000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को राहत प्रदान करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की अनुशंसा भी की है। मामले की पैरवी शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने की।
