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दुर्ग में रेस्क्यू किए गए 16 नाबालिग बच्चे
दुर्ग में रेस्क्यू किए गए 16 नाबालिग बच्चे
दुर्ग

रायपुर से बस में ले जाए जा रहे 16 नाबालिगों का दुर्ग के पास रेस्क्यू, ठेकेदार हिरासत में

छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बाल तस्करी और बाल श्रम की आशंका को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बचाया है। रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से बस में बैठाकर ले जाए जा रहे इन बच्चों को दुर्ग के पास घेराबंदी कर रेस्क्यू किया गया। बच्चों के साथ मौजूद एक संदिग्ध ठेकेदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 06 Aug 2026, 09:19 AM · अपडेट: 30 Oct 2026, 06:36 AM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी और बाल श्रम के एक बड़े अंदेशे को नाकाम करते हुए बाल संरक्षण आयोग और पुलिस की टीम ने 16 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर सकुशल बचा लिया है। रायपुर के भाठागांव बस स्टैंड से एक बस में बैठाकर ले जाए जा रहे इन बच्चों को दुर्ग के पास घेराबंदी करके रेस्क्यू किया गया। इस कार्रवाई के दौरान बच्चों के साथ मौजूद एक संदिग्ध ठेकेदार (नियोक्ता) को हिरासत में लिया गया है, जिससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के अनुसार, बुधवार शाम आयोग के हेल्पलाइन नंबर पर एक गुप्त सूचना मिली थी। 

खबर मिलते ही अलर्ट पर यूनिट

फोन करने वाले ने बताया कि भाठागांव बस स्टैंड से एक बस रवाना हुई है, जिसमें करीब 16 छोटे बच्चों को संदिग्ध परिस्थितियों में ले जाया जा रहा है। अंदेशा जताया गया कि इन बच्चों को बाल मजदूरी कराने के मकसद से राज्य से बाहर भेजा जा रहा है। खबर मिलते ही आयोग ने बिना वक्त गंवाए चाइल्ड हेल्पलाइन और स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) को अलर्ट पर डाल दिया। 

डेढ़ घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन 

अधिकारियों को अंदेशा था कि बस राजनांदगांव के रास्ते महाराष्ट्र या मध्य प्रदेश की सीमा में दाखिल हो सकती है। इसे देखते हुए दुर्ग SJPU और स्थानीय बाल संरक्षण टीम को तुरंत मोर्चा संभालने के निर्देश दिए गए। जैसे ही बस दुर्ग के करीब पहुंची, अधिकारियों और पुलिस बल ने उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया। टीम ने बस में सवार सभी 16 बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। डॉ. वर्णिका शर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के महज डेढ़ घंटे के भीतर इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे दिया गया। 

बच्चों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश जारी 

फिलहाल सभी 16 बच्चों को दुर्ग चाइल्ड हेल्पलाइन और SJPU की देखरेख में सुरक्षित आश्रय गृह में रखा गया है। बच्चों की पहचान की जा रही है और उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश जारी है। दूसरी ओर, पकड़े गए संदिग्ध ठेकेदार से लगातार पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के बयान दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बच्चों को किस शहर और किस काम के सिलसिले में ले जाया जा रहा था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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