115 किलो बासी और संदिग्ध मिठाइयों पर चला बुलडोजर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई दुकानों में ग्राहकों की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ हो रहा था।
बालाजी स्वीट्स: यहां से टीम ने 'कुंदा' और 'कलाकंद दाना' के सैंपल कलेक्ट किए। प्राथमिक जांच में मिठाई के खराब होने और खाने योग्य न होने की आशंका के चलते लगभग 100 किलो पुराना और संदिग्ध कुंदा मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया। हालांकि, दुकान में साफ-सफाई का स्तर ठीक-ठाक मिलने के कारण फिलहाल उन्हें नोटिस जारी नहीं किया गया है।
जायका मिठाई: इस दुकान से टीम ने करीब 15 किलो बासी गुलाब जामुन ज़ब्त कर नष्ट किए।
इस तरह दोनों प्रमुख प्रतिष्ठानों से कुल मिलाकर 115 किलो अमानक और बासी मिठाइयां नष्ट की गईं। अधिकारियों ने सभी सैंपलों को सील कर जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ेंFood Safety: दीपावली से पहले महासमुंद में खाद्य विभाग की जांच, मिठाई दुकानों से लिए सैंपलसत्यम, जलाराम और तृप्ति जैसी बड़ी दुकानें भी रडार पर
सिर्फ बालाजी और जायका ही नहीं, बल्कि खाद्य विभाग का यह अभियान शहर के दूसरे हिस्सों में भी तेजी से चल रहा है। विभाग की टीमों ने सत्यम, जलाराम और तृप्ति जैसे जाने-माने और बड़े प्रतिष्ठानों में भी सघन जांच की है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लगातार मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण का असर अब दिखने लगा है; शहर की कई दुकानों में साफ-सफाई और हाइजीन के स्तर में पहले से सुधार आया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी की दो-ूक चेतावनी: "खरीदते वक्त रहें सावधान"
त्योहारी सीजन में आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए दुर्ग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र कुमार नेले ने लोगों के लिए एक जरूरी सलाह और हिदायत जारी की है। उन्होंने कहा है कि मिठाई खरीदते समय ग्राहकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है:
चमक-दमक से बचें: बहुत ज्यादा कृत्रिम रंगों (Colors), अत्यधिक चमक और चांदी के वर्क (Silver foil) वाली मिठाइयों को खरीदने से पूरी तरह बचें। देखने में जो बहुत आकर्षक लगें, जरूरी नहीं कि वे सेहत के लिए भी अच्छी हों।
गंध और रूप की पहचान: यदि किसी मिठाई से अजीब या तेज बदबू आ रही है, या वह देखने से ही बासी लग रही है, तो उसे तुरंत नकार दें।
पारपरिक सतर्कता: बिना ठीक से जांच-परख किए बाजार से मिठाई बिल्कुल न खरीदें। किसी भी तरह की संदेह की स्थिति में तुरंत स्थानीय खाद्य विभाग को सूचित करें।
त्योहार खुशियों का पर्व है, और यह तभी सुरक्षित है जब आपकी थाली में परोसी जाने वाली मिठाई सेहत के अनुकूल हो। प्रशासन की यह सख्ती निश्चित तौर पर मिलावटखोरों पर लगाम कसेगी, लेकिन एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमें भी खरीदारी करते समय सावधानी बरतनी होगी।






