हादसा : 22 फीट ऊंचाई से गिरकर कर्मचारी की मौत, ठेकेदार पर केस दर्ज
रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, माना में फॉल्स सीलिंग मरम्मत के दौरान 22 फीट ऊंचाई से गिरकर घायल हुए इलेक्ट्रीशियन कुबेर चंद्र साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने पर मेसर्स जय इंटरप्राइजेस के ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
रायपुर की राजधानी स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, माना में हुए दर्दनाक हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबंधित ठेकेदार के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। फॉल्स सीलिंग की मरम्मत के दौरान 22 फीट की ऊंचाई से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए इलेक्ट्रीशियन की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले की जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही सामने आने के बाद माना कैंप थाना पुलिस ने हादसे के करीब 10 दिन बाद ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान कुबेर चंद्र साहू (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र के ग्राम बिरेझर का निवासी था। वह एयरपोर्ट परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य में संविदा कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था। कुबेर अपने परिवार का मुख्य सहारा था और लंबे समय से इलेक्ट्रिकल कार्य से जुड़ा हुआ था।
फॉल्स सीलिंग रिपेयरिंग के दौरान हुआ हादसा
घटना उस समय हुई जब एयरपोर्ट के सिक्योरिटी होल्ड एरिया के प्रथम तल पर फॉल्स सीलिंग की मरम्मत का काम चल रहा था। काम के दौरान कुबेर अचानक संतुलन खो बैठा और करीब 22 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गया। गिरने से उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक तौर पर यह जानकारी दी गई थी कि अत्यधिक गर्मी और चक्कर आने के कारण कर्मचारी नीचे गिर गया। हालांकि मामले की जांच आगे बढ़ने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पड़ताल शुरू की।
जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर
माना कैंप थाना पुलिस की जांच में सामने आया कि मरम्मत कार्य के दौरान कर्मचारी को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। ऊंचाई पर कार्य करते समय सुरक्षा बेल्ट, सेफ्टी हार्नेस और अन्य सुरक्षा इंतजामों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया। पुलिस का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो हादसे को रोका जा सकता था।
पुलिस ने जांच के आधार पर मेसर्स जय इंटरप्राइजेस के ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही से मौत होने सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ठेकेदार और एजेंसी की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस मामले में गंभीर चूक सामने आई है।
मामले की विस्तृत जांच जारी
पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, ठेका प्रक्रिया, कर्मचारियों को उपलब्ध कराए गए सुरक्षा संसाधन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर बड़े संस्थानों और निर्माण व मरम्मत कार्यों में लगे संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रमिक संगठनों और सामाजिक संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।