फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकार को चूना लगाने के 5 साल पुराने मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। महासमुंद जिले की सिंघोड़ा पुलिस ने तकनीकी जांच और कॉल डिटेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे वाहन मालिक को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी वीर सावरकर नगर (रायपुर) का निवासी सतनाम सिंह बताया जा रहा है। यह मामला 22 अगस्त 2020 का है। खम्हारपाली परिवहन चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारी राजेन्द्र कुमार बर्मन ने रायपुर से ओडिशा की ओर जा रहे ट्रेलर (क्रमांक CG 04 JD 1539) को जांच के लिए रोका था। जब चालक से वाहन का नेशनल परमिट मांगा गया, तो पहली नज़र में ही दस्तावेज संदिग्ध प्रतीत हुए।
निजी स्वार्थ के लिए बनाया फर्जी दस्तावेज
विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच करने पर खुलासा हुआ कि प्रस्तुत किया गया नेशनल परमिट छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा जारी ही नहीं किया गया था। निजी स्वार्थ और आर्थिक लाभ के लिए फर्जी व कूट रचित दस्तावेज तैयार कर सरकार को धोखा दिया जा रहा था। चेकपोस्ट अधिकारी की शिकायत पर थाना सिंघोड़ा में अपराध क्रमांक 66/2020 दर्ज किया गया।
वाहन को छोड़कर फरार
आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 और 34 भादवि के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की गई। कार्रवाई की भनक लगते ही ट्रेलर चालक सोनू सिंह गिल उर्फ सोहन सिंह (निवासी अमृतसर, पंजाब) वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। वहीं, केस दर्ज होने की जानकारी मिलने पर वाहन मालिक सतनाम सिंह भी भूमिगत हो गया। पुलिस पिछले 5-6 वर्षों से लगातार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही थी।लोकेशन पता चलते ही आरोपी को किया गिरफ्तार
हाल ही में जब पुलिस की स्पेशल टीम ने मामले के तकनीकी डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले, तो आरोपी वाहन मालिक सतनाम सिंह (35 वर्ष) की लोकेशन ट्रैक हो गई। लोकेशन का पता चलते ही पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाना सिंघोड़ा लाकर जब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई और मेमोरंडम कथन दर्ज किया गया, तो उसने स्वीकार किया कि वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान पंजाब निवासी सोनू सिंह गिल उसकी गाड़ी चला रहा था।
न्यायालय में किया गया पेश
22 अगस्त 2020 को जब ट्रेलर रायपुर से माल लेकर ओडिशा जा रहा था, तब चेकपोस्ट पर फर्जी परमिट पकड़ा गया था। पुलिस ने आरोपी वाहन मालिक को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले के दूसरे आरोपी चालक की तलाश अभी जारी है।