छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र (बहतराई) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों की बेहद धीमी रफ्तार को देखकर उपमुख्यमंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की क्लास लगाते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की। साव ने दो टूक शब्दों में कहा कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला इंडोर स्टेडियम में 'मैपलवुड फ्लोरिंग' का आया। इसके लिए साल 2017 में ही कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी कर दिया गया था, लेकिन लगभग 9 साल बीत जाने के बाद भी यह काम अधूरा पड़ा है।
स्टेडियम की लाइटें होंगी दुरुस्त
निरीक्षण के दौरान साव ने विभिन्न खेल विंग्स की समीक्षा की:
तीरंदाजी मैदान: SECL द्वारा 2 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस मैदान का काम आगामी जुलाई महीने तक हर हाल में पूरा करने का जिम्मा खेल विभाग के सहायक संचालक ए. एक्का को सौंपा गया है।
हाई मास्ट लाइट: आउटडोर स्टेडियम में बंद पड़ी हाई मास्ट लाइटों को तत्काल ठीक करने (मरम्मत) के निर्देश दिए गए हैं।
HVAC (एयर कंडीशनिंग) कार्य: इंडोर स्टेडियम में एसी डक्टिंग की पूरी सफाई करने और अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को पहले मौके का निरीक्षण कर सटीक एस्टीमेट (प्राक्कलन) बनाने को कहा गया है।
मंत्रालय से खुद समन्वय करें अफसर
निरीक्षण के दौरान ये दिग्गज रहे मौजूद
डिप्टी सीएम अरुण साव ने अपना विजन साझा करते हुए कहा कि बहतराई खेल परिसर को छत्तीसगढ़ का एक उत्कृष्ट और आधुनिक खेल प्रशिक्षण केंद्र (State-of-the-Art Centre) बनाना हमारा लक्ष्य है। इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का माहौल मिल सके। इस हाई-प्रोफाइल औचक निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री के साथ बिलासपुर के स्थानीय विधायक सुशांत शुक्ला, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल,नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल सहित प्रशासन और खेल विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।