कोरबा जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से पुलिस लगातार सख्त और त्वरित कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाए जा रहे “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा” अभियान के तहत पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित जांच सुनिश्चित करना है।
इसी अभियान के तहत पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के एक गंभीर मामले में महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीलकुमारी चौहान के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम महेदी, थाना पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा की रहने वाली है। वर्तमान में वह हंसमुंडा कोहड़िया क्षेत्र में निवास कर रही थी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक कार्रवाई के लिए आगे भेज दिया है।
10 मई की घटना से शुरू हुई जांच
पुलिस जांच के अनुसार, 10 मई 2026 को ग्राम ढेंगुरनाला कोहड़िया निवासी बसंत पटेल द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। इस सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की। प्रारंभिक जांच में यह मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर गहन स्तर पर विवेचना की गई और विभिन्न पहलुओं को खंगाला गया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी महिला ने मृतक से 15,000 रुपये उधार लिए थे, जिन्हें वापस नहीं किया गया। इसी आर्थिक विवाद के चलते मृतक पर लगातार मानसिक दबाव और तनाव बढ़ता गया। पुलिस के अनुसार, यही मानसिक प्रताड़ना घटना का प्रमुख कारण बनी, जिसने अंततः पीड़ित को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर किया। गवाहों के बयान भी इसी तथ्य की पुष्टि करते हैं।वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल निरीक्षण, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान, तकनीकी विश्लेषण और फॉरेंसिक जांच सहित सभी वैज्ञानिक पहलुओं से साक्ष्य एकत्र किए। इन ठोस सबूतों के आधार पर आरोपी की भूमिका स्पष्ट होने पर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
