कुंदरापारा के वार्ड क्रमांक 12 में कोतरी नाला और महामाया मंदिर के आसपास किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। खबर प्रकाशित होने के बाद राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अवैध रूप से जमा किए गए कबाड़ को हटाने के लिए संबंधित लोगों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, कुंदरापारा वार्ड के रहवासियों ने दो दिन पहले ही महामाया मंदिर के पास चल रहे अवैध कबाड़ी कारोबार और शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को लेकर एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।
एसडीएम से की थी शिकायत
स्थानीय लोगों का आरोप था कि मंदिर के समीप बड़ी मात्रा में कबाड़ का भंडारण किया जा रहा है, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कोतरी नाला के किनारे और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर गौशाला निर्माण किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी। लोगों ने प्रशासन से मांग की थी कि सार्वजनिक स्थानों और नाले की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, ताकि क्षेत्र में साफ-सफाई और आवागमन व्यवस्था बेहतर हो सके।
सीएमओ ने किया मौके का निरीक्षण
खबर के असर के बाद एसडीएम अजीत पुजारी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान तहसीलदार चंद्रकांत राही और नगर पालिका सीएमओ चंदन शर्मा सहित राजस्व और नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने महामाया मंदिर के समीप पहुंचकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और वहां संचालित अवैध कबाड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी जमीन और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।अपनाया संवेदनशील रुख
प्रशासन ने अवैध रूप से रखे गए कबाड़ को जल्द हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने कहा कि यदि तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन स्वयं कार्रवाई करते हुए इसे हटाने की प्रक्रिया पूरी करेगा। वहीं, कोतरी नाला के पास अतिक्रमण कर बनाए गए गौशाला मामले में प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाई है। अधिकारियों ने गौवंश की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई के बजाय गौशाला संचालक को कुछ दिनों की मोहलत दी है।
स्थानीय लोगों में राहत
अधिकारियों का कहना है कि गौवंशों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। निर्धारित समय पूरा होने के बाद वहां से भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में राहत का माहौल है। रहवासियों ने उम्मीद जताई है कि अब मंदिर क्षेत्र और नाले के आसपास की सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त होगी, जिससे क्षेत्र की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि शहर में सरकारी जमीनों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।