पुलिस पर बर्बरता का आरोप : कोर्ट जाने की तैयारी में CJP, पुलिस बोली— हम पर हुआ पथराव
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर पुलिस और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आमने-सामने हैं। CJP प्रमुख अभिजीत दिपके ने पुलिस पर बच्चों, युवाओं और कार्यकर्ताओं से कथित मारपीट के आरोप लगाए हैं और मामले को अदालत ले जाने की बात कही है।
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कीर्तिमान न्यूज
22 Jul 2026, 09:27 AM
नई दिल्ली
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर बर्बरता के आरोप लगाते हुए मामले को अदालत तक ले जाने का ऐलान किया है। दिपके का दावा है कि पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के नाम पर हदें पार कर दीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने 12 साल तक की मासूम बच्चियों पर हाथ उठाया, छोटे बच्चों की पिटाई की और छात्रा साक्षी की गर्दन पर लाठियाँ बरसाईं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि उपद्रव युवाओं ने नहीं, बल्कि पुलिस ने फैलाया।
उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा: "हमारी गाड़ियों के शीशे प्रदर्शनकारियों ने नहीं, बल्कि खुद पुलिस ने तोड़े हैं। एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने हमारे ट्रक को नुकसान पहुँचाया और मुझे खींचकर नीचे उतारा। महिला कार्यकर्ता गीतांजलि जी के साथ भी अभद्रता की गई। पुलिस का मकसद सिर्फ मार्च रोकना नहीं, बल्कि दंगा भड़काकर युवाओं को बदनाम करना था।"
कोर्ट जाएंगे दिपकेआशुतोष रांका ने मांगी माफी
दूसरी ओर, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्वीकार किया कि कार्यक्रम के दौरान पार्टी की ओर से कुप्रबंधन (Mismanagement) हुआ था। उन्होंने इसके लिए जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी भी माँगी। इन गंभीर आरोपों पर एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने पुलिस का पक्ष रखा है। उनके अनुसार, घटना मंगलवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की है जब युवा मार्च निकालने की जिद पर अड़े थे।
संदीप लांबा ने कहा: "हम युवाओं को समझाकर रोकने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक भीड़ की तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई। एक पत्थर सीधे मेरे पैर में आकर लगा, जिससे मैं घायल हो गया। इसके बाद मुझे अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।"
सीजेपी कार्यकर्ताओं ने संभाली व्यवस्था
मंगलवार शाम तक जंतर-मंतर पर हालात बेहद अजीब नजर आए। प्रदर्शन स्थल से पुलिस बल पूरी तरह नदारद दिखा, जिसके बाद व्यवस्था संभालने का जिम्मा सीजेपी के कार्यकर्ताओं और दिल्ली भर से आए युवाओं ने खुद उठा लिया।
कतारबद्ध भीड़: वॉलंटियर्स खुद ही आने-जाने वाले लोगों को कतार में लगाकर भीड़ नियंत्रित कर रहे हैं।
बढ़ती तादाद: जितनी भीड़ प्रदर्शन स्थल के अंदर मौजूद है, उससे कहीं ज्यादा युवा बाहर सड़कों पर डटे हुए हैं और लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।
अनोखा विरोध: विरोध जताने के लिए युवा सड़कों पर कैनवास बनाकर चित्रकारी (Graffiti) कर रहे हैं।
जवानों का समर्थन: अपनी ड्यूटी पूरी कर कुछ सैनिक भी युवाओं के समर्थन में धरना स्थल पर पहुँचे हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को धरना स्थल पर बिजली काट दी गई थी, लेकिन मंगलवार शाम तक कार्यकर्ताओं ने खुद ही वैकल्पिक बिजली का इंतजाम कर लिया। युवाओं के आने का सिलसिला देर रात तक जारी था।