Anti Narcotics Task Force: नशे के सौदागरों पर यूपी पुलिस का कड़ा प्रहार, 78 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त, 71 कुख्यात तस्करों पर लगा शिकंजा
Anti Narcotics Task Force: उत्तर प्रदेश सरकार ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने ड्रग तस्करों पर कार्रवाई करते हुए 23 सितंबर 2026 तक करीब 78.5 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां जब्त की हैं। PIT NDPS एक्ट के तहत 71 बड़े तस्करों पर कानूनी शिकंजा कसा गया है।
Anti Narcotics Task Force: उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ अपनी मुहीम काफी तेज कर दी है। प्रदेश पुलिस और एंटी
नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की संयुक्त टीमों ने न सिर्फ ड्रग तस्करों की धरपकड़ की है, बल्कि उनकी अवैध रूप से कमाई गई अकूत संपत्तियों को जब्त कर उनके पूरे आर्थिक ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। सरकार की ओर से तय किए गए 'जीरो टॉलरेंस' लक्ष्य के तहत इस साल 23 सितंबर तक पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 71 बड़े तस्करों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है।
तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर जोर
मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि पुलिस का मकसद सिर्फ कुछ लोगों को जेल भेजना नहीं है। पुलिस की प्राथमिकता ड्रग सिंडिकेट की पूरी जड़ को उखाड़ फेंकना है। उन्होंने कहा, "हमारी रणनीति साफ है—तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के साथ-साथ
नशे के काले कारोबार से खड़ी की गई उनकी हर अवैध संपत्ति को कानूनन जब्त करना, ताकि उनका पूरा नेटवर्क ही ध्वस्त हो जाए।" डीजीपी ने यह भी दोहराया कि राज्य को वर्ष 2029 तक पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के संकल्प के तहत यह अभियान और तेज किया जाएगा।
संपत्ति जब्ती के आंकड़ों में भारी उछाल
तस्करों के आर्थिक साम्राज्य पर पुलिसिया कार्रवाई के नतीजे साफ नजर आ रहे हैं:
वर्ष 2025: पूरे राज्य में 29 मामलों के तहत करीब 11 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की गई थीं।
वर्ष 2026 (23 सितंबर तक): यह आंकड़ा कई गुना बढ़कर 88 मामलों में लगभग 78.5 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
अगर केवल एएनटीएफ की बात करें तो वर्ष 2024 में जहां सिर्फ 1 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई थी, वहीं 2025 में 11 करोड़ और 2026 में अब तक एएनटीएफ अकेले 10 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस और एएनटीएफ की मिली-जुली मुहीम से इस साल कुल जब्ती रिकॉर्ड 78.5 करोड़ रुपये के पार जा पहुंची है।
नामी अपराधियों पर सीधा एक्शन
पीआईटी एनडीपीएस कानून के सख्त प्रावधानों के तहत प्रदेश के कई नामी और कुख्यात ड्रग माफियाओं को दबोचा गया है। इनमें गुरुमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमणि पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जो लंबे समय से इस अवैध कारोबार का संचालन कर रहे थे।
कानूनी प्रावधानों से कसता शिकंजा
डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, पुलिस एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत जांच के दौरान नशे की कमाई से खरीदी गई संपत्तियों को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज (अटैच) किया जाता है, और फिर कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें स्थायी तौर पर जब्त कर लिया जाता है। कार्रवाई के इस सख्त रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में यूपी में नशीले पदार्थों के तस्करों के लिए पैर पसारना लगभग नामुमकिन होने वाला है।