प्रकाशित: 11 Sep 2026, 08:44 AM· अपडेट: 29 Oct 2026, 08:12 AM
टेक डेस्क
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Apple: तकनीकी की दुनिया में इन दिनों अगर किसी एक खबर का सबसे ज्यादा दबदबा है, तो वह है ऐप्पल (Apple) का पहला फोल्डेबल आईफोन। इस नए फोल्डेबल फोन को लेकर जैसे-जैसे जानकारियां सामने आ रही हैं, वैसे-वैसे बाजार का रोमांच बढ़ता जा रहा है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि ऐप्पल का यह नया फ्लैगशिप डिवाइस पूरी तरह से दक्षिण कोरियाई तकनीक और सप्लाई चेन पर टिका हो सकता है।
भारतीय ग्राहकों की नजरें भी नए प्रयोग पर
डिस्प्ले से लेकर कई अहम हार्डवेयर कंपोनेंट्स के लिए कोरियाई कंपनियों पर ऐप्पल की यह निर्भरता टेक जगत में चर्चा का नया केंद्र बन गई है। तकनीकी बाजार के साथ-साथ भारतीय ग्राहकों की नजरें भी इस नए प्रयोग पर टिकी हैं। चर्चा है कि भारत में इसे 'iPhone Duo' नाम से उतारा जा सकता है। टेक एक्सपर्ट्स अभी से इसके संभावित फोल्डिंग डिजाइन, अनुमानित कीमत और आने वाले iPhone 18 Pro के साथ इसकी तुलना करने में जुट गए हैं।
IApple के फोल्डेबल आईफोनगैजेट्स की चर्चा टेक ब्लॉग्स तक ही सीमित नहीं
हालांकि कंपनी ने भारत में इसकी लॉन्च डेट या आधिकारिक कीमतों को लेकर अभी पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन भारतीय टेक लवर्स के बीच इसे लेकर उत्सुकता चरम पर है। अक्सर नए गैजेट्स की चर्चा टेक ब्लॉग्स तक ही सीमित रहती है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ तकनीक का नहीं रहा। ऐप्पल के इस नए ट्रेंड ने भारतीय राजनीति में भी एंट्री मार ली है। देश की दो बड़ी सियासी पार्टियां—भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस—इस फोल्डेबल आईफोन के ट्रेंड को भुनाने में पीछे नहीं रहीं।
गैजेट अब पॉलिटिकल डिबेट का हिस्सा
दोनों ही दलों के सोशल मीडिया हैंडल से आईफोन के फोल्डेबल डिजाइन और फीचर्स को लेकर एक-दूसरे पर तंज कसते हुए मजेदार मीम्स शेयर किए जा रहे हैं। नेता और समर्थक फोन की फ्लेक्सिबिलिटी का इस्तेमाल एक-दूसरे की राजनीतिक नीतियों पर निशाना साधने के लिए कर रहे हैं। नतीजा यह है कि टेक की दुनिया का यह गैजेट अब इंटरनेट पर एक बड़ी और मजेदार पॉलिटिकल डिबेट का हिस्सा बन चुका है।