विश्रामपुरी थाना क्षेत्र में एक गंभीर लूट की वारदात सामने आई, जिसमें ग्राम कौन्दकेरा निवासी सकरूराम नाग को लक्षित किया गया। सकरूराम नाग 7 जून को सलना आश्रित उड़ीदगांव बांध के पास स्थित धान और मक्का खरीदी केंद्र पर बैठे थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए प्रमुख खरीदी स्थल है, जहां अक्सर किसानों के द्वारा लाए गए अनाज की खरीदारी होती है। इसी दौरान पांच लोग एक सफेद कार में सवार होकर वहां पहुंचे। उन्होंने सकरूराम से मुख्यमंत्री के पास शिकायत दर्ज कराने की बात को लेकर विवाद शुरू किया। आरोप है कि आरोपियों ने गाली-गलौज के साथ मारपीट की और उनके पास रखे 2 हजार रुपये लूटकर फरार हो गए।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और शुरुआती अफरातफरी
वारदात के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों में अफरातफरी फैल गई। कई ग्रामीणों ने घटना को रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने तेजी से कार में बैठकर मौके से फरार हो गए। इस वारदात ने न केवल स्थानीय किसानों में सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी बल्कि प्रशासन की भी नींद उड़ा दी। स्थानीय लोग पुलिस से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से खरीदी केंद्र पर आने वाले किसानों में डर का माहौल बन सकता है।
पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया
आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ
जांच के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया। ये हैं: ज्ञानदास कोर्राम, राघवेन्द्र उर्फ रमन कोर्राम, दौनूराम पटेल, फुलसिंग कोर्राम और रोहित पांडे। पूछताछ में सभी आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने बताया कि वारदात में प्रयुक्त सफेद नेक्सन कार भी जब्त की गई है। वाहन की जांच और अपराधियों की स्वीकृतियों के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत जुटाने में सफल रही।
कानूनी कार्रवाई और आगे की योजना
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तारीफ
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने विश्रामपुरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा ने बताया कि उनकी टीम ने तकनीकी साधनों और लोगों की मदद से न केवल आरोपियों की पहचान की बल्कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर न्याय के दायरे में लाया।
